पश्चिम रेलवे अपने 5,610 रूट किलोमीटर के ब्रॉडगेज नेटवर्क में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ का विस्तार कर रहा है। अब तक 738 रूट किलोमीटर पर कवच चालू किया जा चुका है, जबकि नेटवर्क के कुल 5,228 रूट किलोमीटर हिस्से को इस प्रणाली के दायरे में लाने के लिए विभिन्न चरणों में योजना और कार्यान्वयन जारी है। इसका उद्देश्य यात्री सुरक्षा मजबूत करने के साथ रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक की ओर से 14 अक्टूबर, 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कवच निर्धारित गति सीमाओं की निगरानी करता है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाता है। मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद और रतलाम मंडलों के प्रमुख यात्री एवं माल परिवहन गलियारों में इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित बनाया जा सके।

सुरक्षा अखंडता स्तर-4 (SIL-4) के अनुरूप कवच प्रणाली पश्चिम रेलवे के 738 रूट किलोमीटर हिस्से में चालू हो चुकी है। इसमें विरार–सूरत खंड के 206 रूट किलोमीटर, सूरत–वडोदरा खंड के 130 रूट किलोमीटर, वडोदरा–गोधरा खंड के 72 रूट किलोमीटर और वडोदरा–अहमदाबाद खंड के 100 रूट किलोमीटर शामिल हैं। इसके अलावा, गोधरा–नागदा खंड के 230 रूट किलोमीटर पर भी यह प्रणाली चालू की जा चुकी है।

पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष 2026–27 के दौरान कवच के दायरे में लगभग 610 अतिरिक्त रूट किलोमीटर जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें पहले से चालू 72 रूट किलोमीटर लंबे मंगल महुड़ी–पंच पीपल्या खंड के अलावा साणंद–अहमदाबाद–कलोल, मुंबई सेंट्रल–विरार, नीमच–चित्तौड़गढ़, साणंद–विरमगाम, कलोल–कमली, पालनपुर–दियादर और ओखा–कनालुस खंड शामिल हैं। शेष खंडों में स्थापना, परीक्षण और लोकोमोटिव परीक्षणों की तैयारी से जुड़े कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं। प्रत्येक खंड को पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2027 निर्धारित किया गया है।

वित्त वर्ष 2026–27 के दौरान मानक कवच (SIL-0) भी तीन गलियारों में चालू किया गया है। इनमें विरमगाम–राजकोट–ओखा गलियारे के 434 रूट किलोमीटर, नागदा–उज्जैन–भोपाल गलियारे के 230 रूट किलोमीटर और विरमगाम–समाखियाली खंड के 182 रूट किलोमीटर शामिल हैं।

पहले से चालू मानक कवच नेटवर्क के अतिरिक्त, स्वीकृत कार्यों के तहत 1,623 रूट किलोमीटर के लिए निविदाएं दी जा चुकी हैं या काम जारी है। वहीं, 2,867 रूट किलोमीटर में कवच संबंधी कार्य कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें उधना–जलगांव खंड के 307 रूट किलोमीटर, राजकोट मंडल की शाखा लाइनों के 163 रूट किलोमीटर और भावनगर मंडल के ब्रॉडगेज मार्गों के 1,036 रूट किलोमीटर शामिल हैं। इसके अलावा, वडोदरा मंडल के 388 रूट किलोमीटर, अहमदाबाद मंडल के 598 रूट किलोमीटर और रतलाम मंडल के 375 रूट किलोमीटर के चयनित मार्गों पर भी काम जारी है।

पश्चिम रेलवे ने अपने पूरे नेटवर्क में कवच प्रणाली के चरणबद्ध विस्तार के माध्यम से यात्री सुरक्षा मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अतिरिक्त खंडों पर प्रणाली चालू करने और जारी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से ट्रेन सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण तथा सुरक्षित रेल परिचालन को समर्थन मिलेगा।

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