रेल कोच फैक्ट्री में सतर्कता जागरूकता सप्ताह आयोजित, सत्यनिष्ठा पर जोर
आरसीएफ कपूरथला में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रबंधक अजय नंदन ने सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता पर बल दिया।
आरसीएफ कपूरथला में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित सेमिनार में महाप्रबंधक व अधिकारी मौजूद रहे।
कपूरथला। रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ), कपूरथला में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के तहत भ्रष्टाचार उन्मूलन, पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेमिनार आयोजित किया गया। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक मनाए जा रहे इस सप्ताह के दौरान आरसीएफ का सतर्कता विभाग केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की ओर से निर्धारित प्रमुख क्षेत्रों में निवारक सतर्कता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है। इस वर्ष 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चल रहे तीन महीने के सतर्कता जागरूकता अभियान की राष्ट्रीय थीम 'समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा' (Probity for Prosperity) रखी गई है।
आरसीएफ में आयोजित सेमिनार में महाप्रबंधक श्री अजय नंदन, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री रवि कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री विनोद पाल सहित फैक्ट्री के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर श्री अजय नंदन ने आरसीएफ के सतर्कता विभाग की ओर से प्रकाशित विजिलेंस बुलेटिन के 27वें अंक का विमोचन किया। इस बुलेटिन में सतर्कता से संबंधित महत्वपूर्ण पहलों और गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री विनोद पाल ने अभियान के दौरान आरसीएफ के सतर्कता विभाग की ओर से संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों से अपने दैनिक आधिकारिक कार्यों में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता के मूल्यों को अपनाकर भ्रष्टाचार उन्मूलन में योगदान देने का आह्वान किया। इसके बाद उप मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री जुगल किशोर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से निवारक सतर्कता के विभिन्न पहलुओं और इस दिशा में आरसीएफ के सतर्कता विभाग की ओर से की गई पहलों की जानकारी दी।
महाप्रबंधक श्री अजय नंदन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि सतर्कता केवल सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय सतर्क रहना चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्धारित प्रक्रियाओं, नियमों और दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन हो। उन्होंने नैतिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में ईमानदारी और पारदर्शिता के महत्व पर भी जोर दिया।
तीन महीने के सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत आरसीएफ का सतर्कता विभाग सीवीसी की ओर से निर्धारित प्रमुख क्षेत्रों में कई पहल कर रहा है। इनमें सेमिनार, विभिन्न प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य निवारक सतर्कता को प्रोत्साहित करना तथा कर्मचारियों को नैतिक आचरण और लोक सेवा में सत्यनिष्ठा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों और आगंतुकों को भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सतर्कता जागरूकता संबंधी संदेशों वाले बैनर, पोस्टर और सेल्फी प्वाइंट लगाए गए हैं।
कर्मचारियों की जागरूकता और सतर्कता संबंधी कार्यप्रणालियों की समझ बढ़ाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र में विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। इसके साथ ही आधिकारिक कामकाज में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और अनुबंध प्रबंधन मॉड्यूल विकसित करने की दिशा में भी कई पहल की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह प्रतिवर्ष भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के आसपास आयोजित किया जाता है। उनका जीवन और आदर्श अटूट सत्यनिष्ठा, देशभक्ति तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रतीक माने जाते हैं। आरसीएफ में आयोजित सेमिनार और अभियान के तहत संचालित गतिविधियां सार्वजनिक सेवाओं में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के मूल्यों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।