तस्वीर में पटरियों पर दौड़ती हुई मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस ट्रेन नजर आ रही है।

31 अगस्त 2026 को दिल्ली से त्रिशूर जा रही ट्रेन संख्या 12618 मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे होली फैमिली सी.जी.एच.एस. स्कूल, त्रिशूर के विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ने से रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। अध्ययन यात्रा के बाद घर लौट रहे 80 विद्यार्थियों और 10 स्टाफ सदस्यों के दल में कुछ छात्रों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। शुरुआत में कुछ ही विद्यार्थी प्रभावित हुए, लेकिन बाद में लक्षण वाले छात्रों की संख्या बढ़ गई।

मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ट्रेन को खंडवा जंक्शन पर रोका गया, जहां डॉक्टरों, नर्सों, रेलवे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम पहले से तैयार थी। मेडिकल टीम ने विद्यार्थियों को आवश्यक उपचार दिया और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों और नर्सों की टीम ट्रेन में छात्रों के साथ आगे की यात्रा पर भी रवाना हुई।

इसके बाद ट्रेन को बरहामपुर स्टेशन पर भी रोका गया, जहां विद्यार्थियों को आगे चिकित्सा सहायता दी गई। रेलवे की ओर से छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार भोजन की व्यवस्था की गई, जिसमें चावल, दही और अचार शामिल था। विद्यार्थियों को केले भी दिए गए। जिन छात्रों को कमजोरी महसूस हुई, उन्हें आवश्यकता के अनुसार नसों के जरिए तरल पदार्थ यानी ड्रिप भी दी गई।

डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने आगे की पूरी यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की देखभाल और निगरानी जारी रखी और उनके त्रिशूर पहुंचने तक उनके साथ रही। रेलवे अधिकारियों, मेडिकल टीम, आरपीएफ/जीआरपी और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से छात्रों को यात्रा के दौरान आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

होली फैमिली सी.जी.एच.एस. स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने इस कठिन परिस्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे, रेलवे अधिकारियों, डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों और सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से रेलवे कर्मचारियों और मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता, समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।

सेंट्रल रेलवे ने कहा कि वह आपात परिस्थितियों में यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए रेलवे अधिकारियों, मेडिकल टीम, आरपीएफ/जीआरपी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

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