मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बहराइच में नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-नानपारा-बहराइच रेल खंड और ट्रेन सेवा की शुरुआत की। दोनों ने हरी झंडी दिखाकर स्पेशल ट्रेन को वाराणसी के लिए रवाना किया। रेलमंत्री ने बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की घोषणा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच कभी भारत की सत्ता का संचालन करता था, लेकिन आजादी के बाद भी यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में ही सालार मसूद को मिट्टी में मिलाकर भारत को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त किया था, लेकिन आजादी के बाद दशकों तक महाराजा सुहेलदेव को विस्मृत किया गया। सालार मसूद के नाम पर उर्स और मेले लगवाकर देश को अपमानित किया जाता रहा। अब यहां विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं होता, बल्कि महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहराइच से नानपारा और नेपालगंज रोड के रेलवे ब्रॉडगेज कार्य को समय-सीमा के भीतर पूरा कराया। 56 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर 730 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पहली ट्रेन रूपईडीहा से बाबा विश्वनाथ के धाम वाराणसी सिटी तक जाएगी। मुख्यमंत्री ने चार अन्य ट्रेनों की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री और रेलमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कहा कि जिस बहराइच ने भारत की गौरव-गाथा को बढ़ाया, वह विकास से वंचित हो गया था। यहां रेल कनेक्टिविटी न के बराबर थी और जो रेल सेवा थी, वह मीटरगेज यानी छोटी लाइन के रूप में थी। मित्र राष्ट्र नेपाल से भी कनेक्टिविटी नहीं हो पाई। आजादी के बाद कई स्थानों पर रेल लाइनों को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में बदला गया। शताब्दी समेत अनेक नई ट्रेनें चलीं, लेकिन यह रेलखंड मीटरगेज के रूप में उन सरकारों की संकीर्ण सोच का प्रतीक बना रहा, जिन्होंने इसे बॉर्डर का क्षेत्र मानकर पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए भले ही यह अंतिम क्षेत्र रहा हो, लेकिन हमारे लिए रूपईडीहा-बहराइच-नानपारा का यह क्षेत्र भारत के प्रवेश द्वार के रूप में रहा है। इस क्षेत्र के लोग दशकों से इस दिन को देखने के लिए लालायित थे। पीढ़ियां चली गईं, लेकिन यह सपना और संकल्प अब साकार हो रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि रेल सेवाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने जा रही है। कनेक्टिविटी गति देती है और जब गति सकारात्मक दिशा में गंतव्य की ओर बढ़ती है तो वह प्रगति का आधार बनती है। यह कनेक्टिविटी भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करेगी। बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की समृद्धि के लिए भी यह महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इससे व्यापार बढ़ेगा, उद्योग लगेंगे, पर्यटन और कृषि को नया आयाम मिलेगा। ईको टूरिज्म के बेहतरीन केंद्र कतर्निया तक पहुंच होगी। अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों को जोड़ने में भी मदद मिलेगी। नेपालगंज रोड, नानपारा, बाबागंज, मटेरा, रिसिया और बहराइच समेत पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में इसकी बड़ी भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच से खलीलाबाद के लिए नई रेललाइन बिछाई जा रही है। नई रेल सेवा के तहत गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बलरामपुर होते हुए बहराइच तक की कनेक्टिविटी के जरिए नेपालगंज रोड को जोड़ने की गतिविधि भी शुरू हो रही है। इससे क्षेत्र की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हर जनपद में माफिया पालती थी। अब बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, सुल्तानपुर और सिद्धार्थनगर समेत हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। बालार्क ऋषि के नाम पर हॉस्पिटल है और श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है।

उन्होंने कहा कि कभी इस सीजन में यह क्षेत्र इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी के कहर से जूझता था और मासूम दम तोड़ते थे। पिछली सरकार इसे अज्ञात बीमारी बताते हुए मासूमों की मौत पर पर्दा डालकर आंखों में धूल झोंकती थी। लेकिन सरकार बनने के बाद हमने न आंखें फेरीं और न ही धूल झोंकी। हमने बीमारी का उन्मूलन किया। यूपी से माफिया और इंसेफेलाइटिस, दोनों समाप्त हो गए। अब यह सीजन किसी माता-पिता के लिए चिंता लेकर नहीं आता।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्य जमीन पर दिखाई देते हैं। अब यूपी में किसी बेटी और व्यापारी को माफिया से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ से बहराइच की रोड कनेक्टिविटी को फोरलेन से जोड़ने की स्वीकृति दी है। नए भारत में चारों ओर रोड और रेल कनेक्टिविटी हो रही है। रैपिड रेल, नमो भारत, अमृत भारत और वंदे भारत के रूप में नई रेल सेवाएं विकसित हो रही हैं और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करती दिखाई दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी लोग तरसते थे कि उनके क्षेत्र में रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाए, लेकिन आज भारत में रेलवे की जितनी भी लाइनें हैं, लगभग सभी का इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। सभी ब्रॉडगेज की हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, बाजार भी बड़े होते हैं, अवसर भी बड़े होते हैं और तब संकल्पों की पूर्ति होने में देर नहीं लगती। आज से शुरू होने वाली कनेक्टिविटी डबल इंजन सरकार की विकास-गाथा के रूप में जानी जाएगी। उन्होंने देश और उत्तर प्रदेश में रेलवे के कायाकल्प के लिए प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का आभार जताया।

कार्यक्रम से पहले नेपाल की भीषण आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में नेपाल, भारत समेत दुनिया के कई देशों के सैकड़ों लोगों को प्राकृतिक आपदा का शिकार होना पड़ा। उन्होंने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपालवासियों को आश्वस्त किया कि सुख-दुख में हम सभी एकसाथ मिलकर चलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए मित्र राष्ट्र नेपाल के सहयोग के लिए कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का केवल राजनीतिक रिश्ता नहीं है, बल्कि साझी सांस्कृतिक विरासत भी है। भगवान पशुपतिनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ, गोरखा से गोरखपुर और जनकपुर से अयोध्या को श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। दोनों देश एक-दूसरे के धाम में जाकर साझी विरासत का आदर भी करते हैं।

इस अवसर पर बहराइच के सांसद डॉ. आनंद गोंड, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, विधायक रामनिवास वर्मा, सुभाष त्रिपाठी, अनुपमा जायसवाल, सुरेश्वर सिंह, सरोज सोनकर, विधान परिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी और पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड समेत अन्य लोग मौजूद रहे। नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-नानपारा-बहराइच रेलखंड की ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी और नई ट्रेन सेवा से सीमावर्ती क्षेत्र में रेल संपर्क, व्यापार, पर्यटन, कृषि तथा सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है।

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