जलगांव यार्ड पुनर्रचना कार्य पूरा, मध्य रेलवे की 5वीं लाइन प्रोजेक्ट को गति
भुसावल-जलगांव खंड में लाइन क्षमता और ट्रेन परिचालन सुधारने के लिए सीमेन्स रूट रिले इंटरलॉकिंग समेत कई बुनियादी ढांचे में बदलाव किए गए हैं।
मध्य रेलवे ने भादली-जलगांव के बीच चल रहे पांचवीं रेल लाइन के काम को गति देने के लिए 24 सितंबर 2026 को जलगांव स्टेशन के यार्ड की पुनर्रचना का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। 12 दिन की पूर्व तैयारी, 6 दिन के प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य और 23 घंटे के नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के बाद निर्धारित समय में यार्ड की पुनः जोड़ाई पूरी की गई।
यार्ड की यह पुनर्रचना व्यस्त भुसावल-जलगांव खंड की लाइन क्षमता बढ़ाने और परिचालन में लचीलापन सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा कार्य है। इसके तहत सीमेन्स कंपनी की मौजूदा रूट रिले इंटरलॉकिंग प्रणाली में व्यापक बदलाव किए गए। 134 मौजूदा रूट में बदलाव किए गए और रूट की संख्या 303 से बढ़ाकर 323 कर दी गई। सात नए मुख्य सिग्नल चालू किए गए, मौजूदा सिग्नल में दो अतिरिक्त आस्पेक्ट जोड़े गए और एक सिग्नल को स्थानांतरित किया गया। एक पॉइंट यानी रेल की जोड़ाई या मोड़ को नया स्थापित अथवा स्थानांतरित किया गया, जबकि तीन पॉइंट हटाए गए।
कार्य के दौरान ट्रैक-सर्किट व्यवस्था में भी बदलाव किए गए। इसमें 68 मौजूदा ट्रैक सर्किट, 5 नए ट्रैक सर्किट और 2 पुनर्गठित ट्रैक सर्किट शामिल रहे। जलगांव और भडली दोनों तरफ पांचवीं लाइन की दिशा में एफट्रॉनिक्स कंपनी की एसएसबीपीएसी (डी) प्रणाली भी चालू की गई।
यार्ड की पुनर्रचना के साथ महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य भी किए गए। दो टर्नआउट हटाए गए और दो अन्य स्विच हटाते हुए एक डिरेलिंग स्विच लगाया गया। 20 ग्लूड जॉइंट लगाए गए, जबकि 14 ग्लूड जॉइंट हटाए गए। 60 किलो वजन की रेल और स्लीपर का उपयोग करते हुए 300 मीटर लंबी लूप लाइन का पूरा ट्रैक नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा 500 मीटर नया ट्रैक जोड़ा गया। करीब 1,700 घन मीटर खड़ी उतारी गई और तीन स्विच एक्सपेंशन जॉइंट लगाए गए।
स्टेशन परिसर की पुनर्रचना के साथ विद्युत और ट्रैक्शन वितरण प्रणाली से जुड़े कार्य भी किए गए। ट्रामवे-टाइप ओवरहेड उपकरणों को ओएचई में बदला गया और जलगांव अप यार्ड को मेन लाइन पर ब्लॉक से स्वतंत्र करने की व्यवस्था की गई। इन कार्यों में 18 फाउंडेशन का निर्माण, बूम्स के साथ 5 टीटीयू और एक पोर्टल की स्थापना, 0.8 टीकेएम नई वायरिंग, 2 एटीडी और 2 एफटीए की स्थापना, एक आइसोलेटर, एक सेक्शन इंसुलेटर, 2 जी-जंपर्स और 20 ब्रैकेट लगाने का काम शामिल रहा।
जलगांव यार्ड एनआई ब्लॉक के दौरान कई महत्वपूर्ण शैडो-ब्लॉक कार्य भी पूरे किए गए, जिससे ट्रैफिक ब्लॉक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हुआ। निर्माण विभाग ने भादली पैदल पुल के लिए गर्डर लॉन्चिंग, अप और डाउन लाइन पर नए लगाए गए पॉइंट 144ए और 144बी की आपातकालीन क्रॉसओवर टैम्पिंग, पॉइंट 142ए की टैम्पिंग तथा भादली यार्ड टर्नआउट और पांचवीं लाइन के ट्रैक-सर्किटेड जोन में बैलास्ट यानी खड़ी उतारने का काम सफलतापूर्वक पूरा किया। इसी दौरान ओपन लाइन की टीमों ने डाउन लाइन पर पुल संख्या 421/1 पर गर्डर लगाने का काम भी किया।
एनआई अवधि के दौरान ओएचई रखरखाव से जुड़े कई कार्य भी पूरे किए गए। इनमें भुसावल सब-सेक्शनिंग एंड पैरेललिंग और भुसावल यार्ड स्विचिंग की ओएचई गैंट्री का वार्षिक रखरखाव, भुसावल वायएस का वार्षिक पीएसआई रखरखाव और भुसावल एसएसपी का छमाही पीएसआई रखरखाव शामिल रहा।
जलगांव यार्ड की पुनर्रचना का काम शुरू होने के साथ भादली-जलगांव खंड में पांचवीं लाइन की क्षमता बढ़ाने की परियोजना को और गति मिली है। यह परियोजना इस खंड के रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारू और कुशल बनाने में मदद करेगी तथा परिचालन लचीलापन और लाइन क्षमता में सुधार करेगी।
यह प्रसिद्धीपत्रक 24 सितंबर 2026 को प्र. प. क्रमांक 2026/09/42 के तहत मध्य रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला द्वारा जारी किया गया।