उत्तर पश्चिम रेलवे का विशेष अभियान, 20,590 वाटर टैंकों की सफाई से शुद्ध होगा पेयजल
उत्तर पश्चिम रेलवे ने 17 अगस्त 2026 से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। अब तक 20,590 वाटर टैंकों की सफाई के साथ अवशिष्ट क्लोरीनीकरण, जैविक और रासायनिक परीक्षण किए गए हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई के साथ पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। 17 अगस्त 2026 से सभी जल टैंकों की सफाई के लिए शुरू किए गए इस अभियान में अब तक 20,590 वाटर टैंकों की सफाई की जा चुकी है।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभियान के दौरान अब तक 6,013 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण परीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा 768 जैविक तथा 367 रासायनिक परीक्षण भी किए गए हैं। इन परीक्षणों के माध्यम से जल की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप जांचा जा रहा है।
अभियान के तहत सभी ओवरहेड एवं भूमिगत जल टैंकों को उचित रूप से ढका रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाहरी गंदगी, धूल और अन्य दूषित पदार्थों के संपर्क से पेयजल को सुरक्षित रखना है।
खुले एवं अन्य जल स्रोतों को भी आवश्यकतानुसार मजबूत लोहे की जाली या नेटिंग से ढकने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के प्रदूषण की संभावना को रोकने और पानी की स्वच्छता एवं गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के इस विशेष अभियान में जल स्रोतों की स्वच्छता, जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी और पेयजल के सुरक्षित भंडारण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना तथा रेलवे परिसरों में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखना है।