जयपुर से सांतरागाछी तक नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू, पांच राज्यों की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत
जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस का 26 अक्टूबर को शुभारंभ हुआ। अश्विनी वैष्णव और सुवेंदु अधिकारी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। नई सेवा से पांच राज्यों की कनेक्टिविटी, रोजगार, शिक्षा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
जयपुर (खातीपुरा) से टाटानगर होते हुए सांतरागाछी तक चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी।
प्रयागराज। जयपुर (खातीपुरा) से टाटानगर होते हुए सांतरागाछी तक चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन का 26 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस नई रेल सेवा से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे रोजगार, शिक्षा और व्यापार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रयागराज में जारी जानकारी के अनुसार, शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो और सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जयपुर को जमशेदपुर और कोलकाता से जोड़ने वाली यह नई ट्रेन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाएगी। इससे राजस्थान में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों, व्यापारिक समुदायों, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को लाभ मिलेगा।
झारखंड में रेलवे के विकास का उल्लेख करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन 450 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। यह पहले के आवंटन का लगभग 16 गुना है। राज्य में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम जारी है। इस योजना में 1,300 से अधिक स्टेशनों को विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल में भी सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी सहित कई स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे के विकास में मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है, क्योंकि रेलवे उनके लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। उन्होंने जोर दिया कि स्टेशनों के पुनर्विकास और रेल कनेक्टिविटी में सुधार से सभी आय वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलेगा।
रेल अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी देते हुए वैष्णव ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाली रेल लाइन पर चार-लाइन विस्तार का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से जुड़ा 4.5 किलोमीटर लंबा सेक्शन पूरा हो चुका है और इस पर परीक्षण परिचालन शुरू हो गया है। इस सेक्शन से ग्रीन लाइन को कनेक्टिविटी मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में चल रही रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के रेलवे बजट आवंटन में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2009-2014 के दौरान राज्य को रेलवे के लिए औसतन 4,380 करोड़ रुपये सालाना आवंटित किए जाते थे। वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ निवेश राज्य में रेलवे अवसंरचना के विकास और रेल कनेक्टिविटी में सुधार में सहायक होगा।
जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस की शुरुआत से पांच राज्यों के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिला है। नई सेवा के साथ रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, रेल लाइनों की क्षमता बढ़ाने और मेट्रो कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।