मध्य रेलवे ने ट्रेन परिचालन की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नागपुर मंडल के 104 किलोमीटर लंबे आमला-छिंदवाड़ा रेलखंड में स्वदेशी कवच 4.0 (SIL-4) ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली का स्वतंत्र सुरक्षा आकलन (ISA) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। नागपुर मंडल में यह पहला रेलखंड है, जहां कवच 4.0 SIL-4 का स्वतंत्र सुरक्षा निरीक्षण किया गया है।

आमला-छिंदवाड़ा रेलखंड में कुल 08 स्टेशन, 06 इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग (LC) गेट, 08 स्टेशन TCAS, 03 LC TCAS, 03 रिमोट इंटरफेस यूनिट (RIU), 950 रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग और 13 रेडियो टावर शामिल हैं। स्वतंत्र सुरक्षा आकलन के दौरान प्रणाली की सुरक्षा, कार्यक्षमता और परिचालन क्षमता की विस्तृत जांच तथा सत्यापन किया गया।

इस परीक्षण में निर्धारित गति से अधिक चलने पर सुरक्षा व्यवस्था और खतरे के समय लाल सिग्नल पार करने (SPAD) की रोकथाम की जांच की गई। इसके साथ ही ट्रेन में लगे कवच सिस्टम और स्टेशन मास्टर ऑपरेशन कम इंडिकेशन पैनल (SMOCIP) से SOS जारी करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। ट्रेन के पीछे की ओर खिसकने (रोलबैक), अपने आप आगे खिसकने (रोल-अवे) और विपरीत दिशा में चलने की रोकथाम की क्षमता भी परखी गई।

जांच के दौरान गायब टैग की पहचान, एक टैग से दूसरे टैग के बीच की दूरी का मापन, PCCL और कवच से संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा मूवमेंट अथॉरिटी और सिग्नल की स्थिति का सत्यापन किया गया। इसके अलावा ट्रेन में लगे उपकरणों और ट्रैक के किनारे स्थापित प्रणालियों के बीच संचार, रेडियो संचार एवं कनेक्टिविटी, RFID टैग की पहचान और उनकी लोकेशन की सटीकता की जांच की गई।

स्वतंत्र सुरक्षा आकलन में ब्रेकिंग हस्तक्षेप, गति की निगरानी, सिस्टम में खराबी आने पर उसके प्रबंधन और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने की क्षमता का भी परीक्षण किया गया। इसके साथ ही पूरी प्रणाली के शुरू से अंत तक कार्यात्मक प्रदर्शन का सत्यापन किया गया, ताकि विभिन्न उपकरणों और प्रणालियों के बीच समन्वय तथा सुरक्षा संबंधी कार्यप्रणाली का आकलन किया जा सके।

आमला-छिंदवाड़ा रेलखंड में ISA निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने से कवच 4.0 SIL-4 की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन प्रदर्शन की पुष्टि हुई है। यह उपलब्धि ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और नागपुर मंडल में कवच प्रणाली के आगे विस्तार का मार्ग प्रशस्त करती है।

इस उपलब्धि के साथ मध्य रेलवे ने स्वदेशी तकनीक के माध्यम से परिचालन सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मध्य रेलवे अपने नेटवर्क पर कवच 4.0 के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।

यह प्रेस विज्ञप्ति 25 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। इसका जनसंपर्क क्रमांक PR No.2026/10/45 है। विज्ञप्ति मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी की।

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