CSMT: टिकट चेकर पर हमला करने वाले फर्जी रेलवे कर्मचारियों पर FIR
मुंबई के CSMT स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान फर्जी रेलवे कर्मचारी बनकर घूम रहे दंपती ने कर्मचारी से मारपीट की, दोनों के खिलाफ जीआरपी में मामला दर्ज।
मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर ड्यूटी के दौरान टिकट जांच कर्मचारी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। 25 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना में रेलवे कर्मचारी होने का दावा करने वाले एक पुरुष यात्री और उसके साथ मौजूद महिला यात्री के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मध्य रेलवे ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ हुई इस घटना को गंभीरता से लिया है।
मध्य रेलवे के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में तैनात टिकट जांच कर्मचारी श्री जिग्नेश वसंतलाल भावसार 25 अक्टूबर 2026 को शाम 18.55 बजे से 19.00 बजे के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के पास कॉनकोर्स क्षेत्र में टिकट जांच का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यात्रा टिकटों की जांच के लिए एक पुरुष और एक महिला यात्री को रोका।
जांच के दौरान पुरुष यात्री ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। जब श्री जिग्नेश भावसार ने उससे रेलवे पहचान पत्र या नौकरी का वैध प्रमाण दिखाने को कहा, तो उसने इनकार कर दिया और वहां से भागने की कोशिश की। उसे पकड़ने का प्रयास करने पर पुरुष यात्री ने ड्यूटी पर तैनात टिकट जांच कर्मचारी पर शारीरिक हमला कर दिया। उसके साथ मौजूद महिला यात्री ने भी कर्मचारी को गालियां दीं और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और अन्य रेलवे कर्मचारियों की मदद से दोनों यात्रियों को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्थित रेलवे पुलिस थाने ले जाया गया। उनकी पहचान ऋषिकेश संजय पवार (उम्र 24 वर्ष) और निकिता ऋषिकेश पवार (उम्र 23 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों यात्री खुद को रेलवे कर्मचारी साबित करने के लिए कोई पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। वे यात्रा के लिए आवश्यक कोई वैध आधिकारिक दस्तावेज भी नहीं दिखा पाए।
आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों यात्रियों को राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया। ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी पर हमला करने के मामले में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मध्य रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 के तहत उचित पास या टिकट के बिना धोखाधड़ी से यात्रा करने अथवा ऐसा करने का प्रयास करने, धारा 138 के तहत उचित पास या टिकट के बिना या अधिकृत दूरी से आगे यात्रा करने पर अतिरिक्त शुल्क और किराया वसूलने तथा धारा 145 के तहत रेलवे परिसर में शराब पीने या उपद्रव करने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, संबंधित अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 132, 115(2) और 3(5) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
मध्य रेलवे ने कहा कि टिकट जांच रेल परिचालन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य अधिकृत यात्रा सुनिश्चित करना और ईमानदार यात्रियों के हितों की रक्षा करना है। रेलवे ने सभी यात्रियों से टिकट जांच कर्मचारियों और अन्य रेलकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहयोग करने की अपील की है।
रेलवे के अनुसार, जो यात्री खुद को रेलवे कर्मचारी बताते हैं या यात्रा में रियायत का दावा करते हैं, उन्हें अधिकृत रेलवे कर्मचारियों द्वारा मांगे जाने पर संबंधित वैध प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, हिंसा या उनके काम में बाधा डालने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ रेलवे परिसर में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 27 अक्टूबर 2026 को प्रेस विज्ञप्ति क्रमांक 2026/10/49 के तहत मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी की।