खाखरेची जीसीटी: अहमदाबाद मंडल का नया गति शक्ति कार्गो टर्मिनल
मैसर्स एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स के साथ 35 साल के अनुबंध से रेलवे को हर साल ₹15 लाख से अधिक लाइसेंस शुल्क और राजस्व मिलेगा।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल और एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स के अधिकारियों ने खाखरेची जीसीटी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने माल परिवहन सुविधाओं के विस्तार और रेलवे की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंडल ने खाखरेची में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) विकसित करने के लिए मैसर्स एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ 35 वर्षों का अनुबंध किया है। इस परियोजना के तहत 80,413 वर्ग मीटर रेलवे भूमि का व्यावसायिक उपयोग करते हुए निजी निवेश से आधुनिक माल लदान और अनलोडिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेलवे बोर्ड की जीसीटी नीति-2026 के शेड्यूल-II के अंतर्गत यह अहमदाबाद मंडल का पहला कार्गो टर्मिनल होगा।
अहमदाबाद मंडल में वर्तमान में 8 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल कार्यरत हैं। इनके माध्यम से कंटेनर, नमक, बेंटोनाइट, सीमेंट, उर्वरक, चीनी और दालों सहित विभिन्न वस्तुओं का परिवहन किया जा रहा है। इन टर्मिनलों ने माल ढुलाई और रेलवे के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अप्रैल 2026 से अक्टूबर 2026 तक की अवधि में मंडल के इन 8 कार्गो टर्मिनलों से 1,700 से अधिक रेक लोड किए गए। इनमें 65,000 से अधिक वैगन शामिल रहे। इस दौरान लगभग 23 लाख टन से अधिक माल का परिवहन किया गया, जिससे रेलवे को ₹330 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में खाखरेची में नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के विकास की योजना को आगे बढ़ाया गया है। परियोजना के अंतर्गत जीसीटी ऑपरेटर को रेलवे की 80,413 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। इस भूमि पर निजी निवेश के जरिए आधुनिक माल लदान एवं अनलोडिंग सुविधाएं विकसित होंगी। इसके बदले भारतीय रेल को प्रतिवर्ष ₹15 लाख से अधिक का भूमि लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा।
इस परियोजना से रेलवे को राजस्व-साझेदारी के माध्यम से अतिरिक्त आय के साथ भूमि लाइसेंस शुल्क के रूप में नियमित राजस्व मिलेगा। खास बात यह है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से आधुनिक माल परिवहन सुविधाओं का विकास होगा और इसके लिए रेलवे को पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ेगा। इस तरह रेलवे की अनुपयोगी भूमि का व्यावसायिक उपयोग भी सुनिश्चित होगा।
मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने बताया कि गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित होने से क्षेत्र में माल परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपने माल की ढुलाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। आधुनिक कार्गो हैंडलिंग व्यवस्था से माल की लोडिंग और अनलोडिंग अधिक सुगम होगी तथा रेल आधारित माल परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका लक्ष्य देश में बेहतर परिवहन संपर्क, आधुनिक बुनियादी ढांचे और एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विकास करना है। रेल परिवहन को बढ़ावा मिलने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिलेगी।
अहमदाबाद मंडल की इस पहल से रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के साथ निजी निवेश को बढ़ावा देने और माल परिवहन से राजस्व वृद्धि के नए अवसर विकसित करने का रास्ता खुलेगा। खाखरेची गति शक्ति कार्गो टर्मिनल परियोजना से क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूती मिलने के साथ भारतीय रेल की माल परिवहन क्षमता और आय में वृद्धि की उम्मीद है।