तस्वीर में राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के दौरान सम्मानित पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।   

राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील जिला शाखा हनुमानगढ़ का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शनिवार को नोहर स्थित श्री करणी माता धर्मशाला में खुले अधिवेशन, जिला कार्यकारिणी के निर्वाचन और शपथ ग्रहण समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। खुले अधिवेशन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नान्देवाल ने की। सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ जिला कार्यकारिणी के सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

अधिवेशन में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के नामांकन, विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शिक्षकों ने संगठन के माध्यम से शिक्षक एवं शैक्षिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष उठाने को लेकर भी चर्चा की।

जिला मंत्री अशोक धोलपुरिया ने बताया कि महासमिति अधिवेशन में जिले की सभी उपशाखाओं की ओर से विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इनमें तृतीय श्रेणी शिक्षकों के शीघ्र स्थानांतरण, पिछले पांच वर्षों से लंबित तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी कराने, पे प्रोटेक्शन का लाभ देने, वरिष्ठ प्रबोधकों को द्वितीय श्रेणी अध्यापक के समान माध्यमिक विद्यालयों में पद देने तथा प्रबोधकों की पुरानी सेवा की गणना कर सेवानिवृत्ति के समय लाभ देने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा पीएल पर लगी अघोषित रोक हटाने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त रखने, सभी श्रेणी के शिक्षकों के रिक्त पद स्थायी भर्ती प्रक्रिया से भरने, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अंग्रेजी कैडर के माध्यम से स्थायी भर्ती करने तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों को समर्पित अवकाश, जीपीएफ एवं एसआई का भुगतान सेवानिवृत्ति के दिन ही करने की मांग रखी गई।

अधिवेशन में शिक्षा पर बजट का 6 प्रतिशत खर्च करने, राज्य स्तर पर पारदर्शी ट्रांसफर नीति लागू करने, संविदा कार्मिकों को स्थायी करने, शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, सभी श्रेणियों की लंबित डीपीसी शीघ्र करने, विद्यालयों में एसएफजी एवं शौचालय सफाई राशि बढ़ाने, वर्ष 2022 के शारीरिक शिक्षकों का स्थायीकरण करने तथा विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

इसके साथ ही कुक-कम-हेल्पर का मानदेय अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी के समान करने सहित विभिन्न मांगों पर चिंतन-मंथन किया गया। सभी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार स्वामी ने समाज के बदलते परिवेश और व्यक्तित्व विकास में शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर विचार रखे। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने पर जोर दिया।

इसके बाद चुनाव पर्यवेक्षक अधिकारी रामलुभाया तिन्ना की देखरेख में जिला कार्यकारिणी का निर्वाचन कराया गया। निर्वाचन प्रक्रिया में सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन सम्पन्न हुआ। ओमप्रकाश नान्देवाल जिला अध्यक्ष, रणवीर जाखड़ सभा अध्यक्ष, अशोक धौलपुरिया जिला मंत्री, भूप सिंह सहू कोषाध्यक्ष, हैप्पी अतिरिक्त जिला महिला मंत्री तथा लीलावती जिला महिला मंत्री निर्वाचित हुईं। वहीं ओम ईश्वर बठला का प्रवक्ता पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

निर्वाचन के बाद प्रदेश सभा अध्यक्ष भूराराम सहारण ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं संगठन के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर जिलेभर से पहुंचे शिक्षकों ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन जगदीश प्रसाद स्वामी ने किया। सम्मेलन में जिला कार्यकारिणी का निर्विरोध निर्वाचन और विभिन्न शिक्षक हितों से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रूप से सामने रहे।

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