नोहर: रसलाना वितरिका की टेल तक पानी पहुंचाने की मांग, किसानों ने सौंपा ज्ञापन
भादरा में जल चोरी और अवैध मोघों पर रोक की मांग; टेल तक पानी न पहुंचने से नोहर तहसील के 27 गांवों में रबी की बुवाई प्रभावित होने की आशंका।
नोहर, 26 अक्टूबर। सिद्धमुख सिंचाई प्रणाली के तहत 28 अक्टूबर से प्रस्तावित ‘सी’ ग्रुप रेगुलेशन से पहले रसलाना वितरिका की टेल तक पर्याप्त सिंचाई पानी पहुंचाने का मुद्दा गरमा गया है। किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भादरा क्षेत्र में कथित जल चोरी और अवैध मोघों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि पानी का असमान वितरण और जल चोरी जारी रहने से नोहर क्षेत्र के किसानों को रबी की बुवाई के दौरान गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सोमवार को किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें भादरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित जल चोरी और अवैध मोघों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। किसानों का आरोप है कि जल चोरी और पानी के असमान वितरण के कारण रसलाना वितरिका की टेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है।
किसानों ने मांग की कि ‘सी’ ग्रुप रेगुलेशन के दौरान विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएं। साथ ही सीपी-5 से नथवानियां हेड तक पानी के प्रवाह की नियमित माप करवाई जाए, ताकि जलापूर्ति में कमी और जल हानि के कारणों की जांच की जा सके। किसानों ने हरियाणा से अतिरिक्त सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के लिए उच्च स्तर पर प्रभावी प्रयास करने का भी आग्रह किया।
किसानों के अनुसार, खरीफ सीजन में रसलाना वितरिका की टेल तक पानी नहीं पहुंचा था। इस दौरान पर्याप्त बारिश भी नहीं हुई। अब रबी की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में सिंचाई पानी की कमी बनी रहती है, तो नोहर तहसील के करीब 27 गांवों के किसानों की बुवाई और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि केवल रेगुलेशन घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित मात्रा में पानी को वितरिका के अंतिम छोर तक पहुंचाना जल संसाधन विभाग की वास्तविक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने और रसलाना वितरिका सहित सभी माइनरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने की मांग की।
किसानों ने स्पष्ट किया कि रेगुलेशन के दौरान पानी के वितरण और प्रवाह की निगरानी जरूरी है, ताकि टेल तक सिंचाई पानी पहुंच सके। रबी की बुवाई के समय जलापूर्ति में कमी रहने से नोहर क्षेत्र के करीब 27 गांवों के किसानों की कृषि गतिविधियां और फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में प्रस्तावित रेगुलेशन के दौरान जल चोरी पर नियंत्रण और अंतिम छोर तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना किसानों के लिए अहम मुद्दा बना हुआ है।