नोहर पंचायत चुनाव में माकपा का प्रधान बनाने का दावा, मंगेज चौधरी ने भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
नोहर पंचायत चुनाव में माकपा नेता मंगेज चौधरी ने भाजपा और कांग्रेस पर जनता को छलने, किसानों के फसल बीमा क्लेम के मुद्दे और गुप्त समझौतों के आरोप लगाए। जानिए सभी 8 जोनों और 25 ब्लॉकों में माकपा की चुनावी रणनीति और प्रधान बनाने के दावे की पूरी जानकारी।
नोहर में पंचायत चुनाव को लेकर माकपा नेता मंगेज चौधरी ने प्रेस वार्ता की।
नोहर में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता मंगेज चौधरी ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि इस बार पंचायत चुनाव में माकपा अपना प्रधान बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों से ऊब चुकी है और माकपा तीसरे विकल्प के रूप में उभरेगी।
मंगेज चौधरी ने कहा कि माकपा गांवों की बुनियादी समस्याओं को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने वोट के नाम पर हमेशा आम जनता के साथ छलावा किया है। उनके मुताबिक, नोहर क्षेत्र के अनेक गांवों में लंबे समय से सिंचाई के पानी की समस्या बनी हुई है और कई जगहों पर लोगों को पीने के पानी की परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
माकपा नेता ने फसल बीमा क्लेम के मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने एक साजिश के तहत फसल बीमा क्लेम को खत्म करने का प्रयास किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माकपा किसानों के फसल बीमा क्लेम को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
मंगेज चौधरी ने दावा किया कि माकपा के बढ़ते जनाधार से भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में बौखलाहट है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी के चलते कई जगहों पर दोनों पार्टियों ने उम्मीदवारों को लेकर गुप्त समझौते कर लिए हैं। उन्होंने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में पंचायत स्तर पर विकास, ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं और आमजन की अपेक्षाओं पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, किसानों की समस्याओं, रोजगार और विकास कार्यों को पंचायत चुनाव के महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में रेखांकित किया गया।
मंगेज चौधरी ने बताया कि माकपा नोहर क्षेत्र के सभी 8 जोनों में चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा पार्टी ने 25 ब्लॉकों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि पांच ब्लॉकों में समर्थित उम्मीदवार मैदान में हैं। माकपा ने इन चुनावों में अपना प्रधान बनाने का दावा करते हुए भाजपा और कांग्रेस के सामने तीसरे विकल्प के रूप में अपनी राजनीतिक दावेदारी पेश की है।