नोहर में चौधरी कुंभाराम आर्य की 31वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देते लोग।

नोहर में स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता चौधरी कुंभाराम आर्य की 31वीं पुण्यतिथि पर उनके संघर्ष, विचारों और किसान-मजदूरों के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर नोहर स्थित चौधरी कुंभाराम आर्य स्मृति स्थल (चौधरी कुंभाराम आर्य चौक) पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके योगदान का स्मरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने चौधरी कुंभाराम आर्य के जीवन, संघर्ष और किसान हितों के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब ने आजीवन किसानों, मजदूरों, वंचितों, शोषितों और दलितों के अधिकारों की पैरवी की तथा कमजोर वर्गों को उनका हक दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों को भूमि का मालिकाना हक दिलाने वाला काश्तकारी अधिनियम चौधरी कुंभाराम आर्य की दूरदर्शी सोच और जनकल्याणकारी कार्यशैली का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने वंचित, शोषित और दलित वर्गों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए, ताकि सक्षम वर्ग उनके अधिकारों का हनन नहीं कर सके।

चौधरी कुंभाराम आर्य का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, किसान कल्याण और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज को समानता तथा अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं। उनकी 31वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उनके जनहितकारी कार्यों और किसान-मजदूरों के अधिकारों के लिए किए गए प्रयासों को याद किया गया।

इस दौरान कृष्ण महिया, शिव भगवान रेगर, भादरा राहड़, भूपेंद्र सहारण, विजेंद्र सैन, रणवीर राव, कृष्ण गोदारा, देवीलाल बेनीवाल, श्योलाल सहारण, संतलाल साहू, बंशी देग, सुनील सहारण, मोहित बिजारणिया, आशीष बिजारणिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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