तस्वीर में स्थानीय ग्रामीण और क्षेत्रवासी गोगामेड़ी पार्किंग ठेके को रद्द करने की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।

नोहर, 16 सितंबर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी धाम में देवस्थान विभाग की ओर से दिए गए 11 माह के पार्किंग ठेके को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में नाराजगी सामने आई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पार्किंग ठेका पूर्णतः रद्द करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया कि गोगामेड़ी धाम उत्तर भारत का प्रसिद्ध आस्था केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष गोगाजी महाराज के मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। आरोप लगाया गया कि हाल ही में पार्किंग व्यवस्था 11 माह के लिए ठेके पर दिए जाने के बाद पार्किंग शुल्क के नाम पर निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूली जा रही है।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि निर्धारित दरों से अधिक शुल्क का विरोध करने पर ठेकेदार और उनके कारिंदों द्वारा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।

पार्किंग स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया। इसमें कहा गया कि पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए टीन शेड, चारदीवारी, निर्धारित पार्किंग क्षेत्र, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि पार्किंग की पर्ची काटने के बाद वाहन की सुरक्षा को लेकर ठेका पक्ष अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। वाहन चोरी, सामान गायब होने अथवा किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ज्ञापन में मुख्यमंत्री से जनहित एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए 11 माह के पार्किंग ठेके को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि जब तक पारदर्शी नियमों के साथ टीन शेड, सीसीटीवी, प्रकाश एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक पार्किंग ठेका लागू नहीं किया जाए।

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