वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बोथरा का निधन, बाड़मेर लाइव के संपादक थे
आईएफडब्ल्यूजे के अजमेर संभाग प्रभारी प्रवीण बोथरा का हृदयाघात से निधन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सीने में उठा था दर्द।
तस्वीर में दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार और बाड़मेर लाइव के संपादक प्रवीण बोथरा दिखाई दे रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बोथरा के अचानक निधन से पत्रकारिता जगत में शोक छा गया है। बाड़मेर लाइव के संपादक और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के अजमेर संभाग प्रभारी बोथरा का रविवार शाम हृदयाघात के चलते निधन हो गया। पत्रकारों के हितों और उनके अधिकारों के लिए सदैव सक्रिय रहने वाले बोथरा के असामयिक निधन की खबर से पत्रकारिता जगत, विशेषकर आईएफडब्ल्यूजे से जुड़े पत्रकारों में गहरा दुख व्याप्त है।
सवाई माधोपुर, 26 अक्टूबर। आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ सहित प्रदेशभर के पत्रकारों और विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रवीण बोथरा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
आईएफडब्ल्यूजे के जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि प्रवीण बोथरा पत्रकारों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर हमेशा सक्रिय रहते थे। आगामी 28 अक्टूबर को जयपुर में संगठन के 76वें स्थापना दिवस के आयोजन की तैयारी के साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकारों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन तथा आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की योजना बना रहे थे।
इसी सिलसिले में बोथरा प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों को व्हाट्सएप संदेश भेज रहे थे। वे फोन करके रात आठ बजे प्रस्तावित वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का आग्रह भी कर रहे थे। संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रति उनकी सक्रियता के बीच अचानक हुई इस घटना ने पत्रकार समुदाय को स्तब्ध कर दिया।
आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि संगठनात्मक कार्यों को लेकर बातचीत के दौरान ही प्रवीण बोथरा ने अचानक सीने में दर्द होने की बात कही। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
राठौड़ ने कहा कि प्रवीण बोथरा सरल स्वभाव के, मिलनसार और पत्रकारों के अधिकारों के लिए सदैव संघर्षशील रहने वाले साथी थे। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता, सहयोग की भावना और पत्रकार हितों के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
प्रवीण बोथरा के असामयिक निधन से पत्रकारिता जगत ने एक कर्मठ पत्रकार के साथ ऐसा समर्पित साथी भी खो दिया है, जो पत्रकारों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहता था। पत्रकारों के अधिकारों के लिए उनके प्रयास, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और सहयोग की भावना लंबे समय तक याद की जाती रहेगी।