कोटा से समालखा के निरंकारी संत समागम के लिए 22 अक्टूबर को चलेगी स्पेशल ट्रेन
कोटा से 22 अक्टूबर को सुबह 9:45 बजे समालखा के 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। 23 से 26 अक्टूबर तक होने वाले आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
समालखा में 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का आधिकारिक पोस्टर, जिसमें सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की तस्वीर और कार्यक्रम की जानकारी दी गई है।
कोटा। 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में 23 से 26 अक्टूबर, 2026 तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित होने वाले इस समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोटा जंक्शन से 22 अक्टूबर को सुबह 9:45 बजे स्पेशल ट्रेन प्रस्थान करेगी।
जोनल इंचार्ज संत बृजराज सिंह जी यादव ने बताया कि कोटा जंक्शन से श्रद्धालु भक्तों के लिए इस विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है। समागम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता के बीच आयोजन स्थल पर तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।
समागम का उद्देश्य ब्रह्मज्ञान के माध्यम से चेतना जागृत करना, प्रेम से हृदय को आलोकित करना और सेवा को जीवन का संकल्प बनाना है। यह आयोजन श्रद्धालुओं को अपने भीतर झांकने और परमात्मा से जुड़ने की प्रेरणा देने के साथ सत्संग, सेवा, प्रेम और भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा।
समागम स्थल पर संतों की निस्वार्थ सेवा, परिश्रम और समर्पण से विशाल मैदान को आध्यात्मिक नगरी का स्वरूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए विशाल पंडालों में सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। परिसर में अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन भी स्थापित की जा रही हैं, ताकि हर कोने में बैठे श्रद्धालु प्रेरणादायक प्रवचनों, भावपूर्ण भजनों और आध्यात्मिक विचारों को आसानी से देख और सुन सकें।
आयोजन की भव्यता के बीच श्रद्धालु भक्तों द्वारा निर्मित मुख्य स्वागत द्वार विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अपनी कलात्मकता और भव्य स्वरूप के माध्यम से यह द्वार समागम की आध्यात्मिक गरिमा को प्रदर्शित कर रहा है। यह संरचना सेवा, समर्पण, सृजनशीलता और सामूहिक श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता के साथ इसके स्वरूप का विस्तार हो रहा है। स्वागत द्वार के माध्यम से प्रेम, अपनत्व और समभाव का संदेश भी प्रस्तुत किया जा रहा है।
संत निरंकारी मंडल के सचिव श्री जोगिंदर सुखीजा जी ने बताया कि सतगुरु माता जी की दिव्य प्रेरणा एवं आशीर्वाद से समागम की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही हैं। आयोजन का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने, आवागमन सहज बनाने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे परिसर को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। संतों की कर्मठता और निस्वार्थ सेवा भावना से आयोजन स्थल को भव्य, सुंदर और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक नगरी का रूप दिया गया है।
79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान, भक्ति, समर्पण और आत्मिक जागृति का संगम है। यहां श्रद्धालुओं को अपनी अंतर्चेतना जागृत करने, परमात्मा से अपने संबंध को अनुभव करने तथा विश्वबंधुत्व, सौहार्द और निस्वार्थ सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। समागम के माध्यम से बाहरी उपलब्धियों से आगे बढ़कर आंतरिक समृद्धि को पहचानने का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों ने इस आध्यात्मिक आयोजन में सभी सज्जन महात्माओं और श्रद्धालु भक्तों का स्वागत किया है।