'ये फितूर तेरा' रिव्यू: कॉलेज लाइफ, दमदार केमिस्ट्री और ताज़ा रोमांस से बांधता है पहला एपिसोड
'ये फितूर तेरा' के पहले एपिसोड का रिव्यू पढ़ें। इशान धवन और देबचंद्रिमा सिंहा रॉय की दमदार केमिस्ट्री, कॉलेज लाइफ का ताज़ा माहौल, युवा ऊर्जा, रोमांस और 'चल ना रील बनाते हैं' गाने के साथ यह शुरुआत दर्शकों को किस तरह बांधती है, जानिए इस विस्तृत समीक्षा में।
तस्वीर में बाएं तरफ अभिनेता इशान धवन धूप का चश्मा पहने हुए मुस्कुरा रहे हैं और दाएं तरफ अभिनेत्री देबचंद्रिमा सिंहा रॉय गुलाबी पोशाक में नजर आ रही हैं।
कॉलेज पर आधारित लव स्टोरीज़ हमेशा अपने अलग आकर्षण के लिए जानी जाती हैं। पहला क्रश, कैंटीन की यादें, बंक किए हुए लेक्चर और ज़िंदगी भर साथ रहने वाली दोस्तियां दर्शकों को पुरानी यादों से जोड़ देती हैं। 'ये फितूर तेरा' का पहला एपिसोड भी इसी एहसास को नए अंदाज़ में पेश करता है और शुरुआत से ही अपनी युवा ऊर्जा के साथ दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहता है।
पहले एपिसोड में दर्शकों की मुलाकात दो बिल्कुल अलग-अलग स्वभाव के किरदारों से होती है, जो पहली ही नज़र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। इशान धवन ने जीत के किरदार में अपने स्वैग, आत्मविश्वास और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेज़ेंस से प्रभावित किया है। उनका रफ एंड टफ अंदाज़ कुछ दर्शकों को कबीर सिंह की याद दिला सकता है, लेकिन इशान जीत के किरदार को अपनी अलग पहचान देने में सफल रहते हैं।
वहीं, देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने सौम्या के किरदार को बेहद सहज और ईमानदारी के साथ निभाया है। पहली बार कॉलेज की नई दुनिया में कदम रखने वाली एक शर्मीली और सादगी पसंद लड़की की झिझक और मासूमियत को उन्होंने बिना किसी बनावटीपन के पर्दे पर उतारा है। यही सहजता उनके किरदार को और अधिक विश्वसनीय बनाती है।
पहले एपिसोड की सबसे बड़ी खासियत जीत और सौम्या के बीच दिखाई गई केमिस्ट्री है। दोनों के बिल्कुल अलग व्यक्तित्व उनकी मुलाकातों को दिलचस्प बनाते हैं और आगे उनकी कहानी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसे जानने की उत्सुकता भी पैदा करते हैं। कॉलेज का माहौल, दोस्तों की मस्ती, युवा ऊर्जा और हल्का-फुल्का रोमांस कहानी को ताज़गी प्रदान करते हैं। वहीं, हाल ही में रिलीज़ हुआ गाना 'चल ना रील बनाते हैं' भी शो की कहानी में खूबसूरती से फिट बैठता है और पूरे कॉलेज वाइब को और अधिक मज़ेदार बना देता है।
कहानी की रफ्तार पहले एपिसोड में थोड़ी धीमी ज़रूर दिखाई देती है, क्योंकि यह किरदारों और उनकी दुनिया को स्थापित करने में समय लेता है। हालांकि, यही धीमापन कहानी के लिए मज़बूत आधार तैयार करता है। यदि पहला एपिसोड आगे की कहानी का संकेत माना जाए, तो 'ये फितूर तेरा' एक ऐसी कॉलेज लव स्टोरी साबित हो सकती है, जिसे दर्शक बार-बार देखना पसंद करेंगे।