तृषा टिप्पणी विवाद में उदयनिधि स्टालिन पर बढ़ा विवाद, कंगना रनौत और चिन्मयी श्रीपदा ने जताई आपत्ति|
तृषा कृष्णन को लेकर दिए गए बयान के बाद कंगना रनौत, चिन्मयी श्रीपदा और खुशबू सुंदर ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी, जबकि मामले में कानूनी कार्रवाई भी हुई।
उदयनिधि स्टालिन, तृषा कृष्णन और जनता की प्रतिक्रिया से जुड़े समाचार के लिए यह चित्र सांकेतिक रूप से उपयोग किया गया है।
नई दिल्ली: अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर दिए गए बयान के बाद डीएमके नेता और पूर्व अभिनेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर राजनीतिक और फिल्म जगत की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत तथा गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इससे पहले अभिनेत्री और भाजपा नेता खुशबू सुंदर भी इस टिप्पणी की आलोचना कर चुकी हैं।
यह विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ, जो उदयनिधि स्टालिन ने तंजावुर में कावेरी जल विवाद से संबंधित एक रैली के दौरान दिया। रैली के दौरान भीड़ की ओर से अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिए जाने पर उन्होंने एक टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। बाद में उदयनिधि स्टालिन ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था।
विवाद के बाद कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि सार्वजनिक मंचों पर अश्लील या डबल मीनिंग वाले मजाक किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की भाषा पर कार्रवाई होना एक उदाहरण माना जा सकता है। कंगना की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई।
गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में उन महिलाओं को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जिनका संबंधित राजनीतिक मुद्दों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने नेताओं की भाषा और राजनीतिक संवाद के स्तर पर भी सवाल उठाए। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणियों को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में बेहतर आचरण की अपेक्षा की जानी चाहिए।
इस विवाद पर इससे पहले अभिनेत्री और तमिलनाडु भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर जोर दिया।
मामले ने कानूनी रूप भी लिया। विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिया गया। उनके खिलाफ छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी से राहत के लिए उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी। हालांकि, हिरासत के बाद उन्हें जमानत मिल गई और वे रिहा हो गए।
पूरा मामला अब तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर उदयनिधि स्टालिन अपनी टिप्पणी को अलग संदर्भ में बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई सार्वजनिक हस्तियों ने इस बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की बात कही है। मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।