तस्वीर में बाएं से दाएं नेहा सोलंकी, सूरज प्रताप सिंह और आरती बिराजदार नजर आ रहे हैं।

रक्षाबंधन किसी के लिए भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, तो किसी के लिए यह रिश्ता राखी बांधने की परंपरा से कहीं बढ़कर है। इस रक्षाबंधन पर सन नियो के कलाकारों ने भाई-बहन के रिश्ते और उससे जुड़ी अपनी खास यादें साझा कीं। दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी में प्रेम का किरदार निभा रहे सूरज प्रताप सिंह, थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान में वैदेही की भूमिका निभा रहीं आरती बिराजदार और आगामी शो राजनंदिनी में राजनंदिनी के किरदार में नजर आने वालीं नेहा सोलंकी ने बताया कि उनके लिए रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि प्यार, साथ और एक-दूसरे की परवाह करने का रिश्ता है।

सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी कोई बहन नहीं है और परिवार में वे तीन भाई हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वे सबसे छोटे थे, इसलिए रक्षाबंधन पर उनकी मां और दोनों भाई उन्हें फिल्म दिखाने ले जाते थे। इसके बाद उनका पसंदीदा बाहर का खाना और घर पर ढेर सारी रस मलाई मिलती थी। सूरज ने बताया कि वे एक बार में आसानी से 10 से 15 रस मलाई खा लेते थे।

उन्होंने कहा कि आजकल बहनों को एक-दूसरे को राखी बांधते या भाई-बहन को मिलकर यह त्योहार मनाते देखा जाता है, लेकिन उन्हें ऐसा मौका कभी नहीं मिला। हालांकि, उनके बड़े भाई ने हमेशा उनकी रक्षा की और उनका ख्याल रखा। उनके मुताबिक, रक्षाबंधन का असली मतलब भी यही है। चाहे भाई-बहन का रिश्ता हो, दो भाइयों का हो या दो बहनों का, हर भाई-बहन अपने प्यार को अलग-अलग तरीके से जताता है, लेकिन आखिर में सभी एक-दूसरे की रक्षा करने, साथ देने और हर मुश्किल में खड़े रहने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं।

सूरज ने बताया कि इस साल उनके लिए रक्षाबंधन और भी खास है, क्योंकि उनके मौजूदा शो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी की शुद्धि उन्हें राखी बांधेगी और उनकी छोटी बहन बनेगी।

आरती बिराजदार ने बताया कि उनका कोई भाई नहीं है और उनकी एक छोटी बहन है। दोनों रक्षाबंधन अपने खास तरीके से मनाती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन से उन्होंने राखी बांधने की पारंपरिक रस्म शायद नहीं निभाई, लेकिन उन्हें हमेशा पता था कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे एक-दूसरे के साथ रहेंगी।

बड़ी बहन होने के नाते आरती ने कहा कि वे हमेशा अपनी छोटी बहन की रक्षा और उसका साथ देंगी और उसे भी पता है कि उसकी दीदी हमेशा उसके साथ खड़ी रहेगी। आरती ने बचपन की एक खास याद साझा करते हुए बताया कि वे दोनों साथ में साइकिल से स्कूल और ट्यूशन जाया करती थीं। उनकी छोटी बहन को साइकिल चलाना पसंद नहीं था, इसलिए वह अक्सर अपनी साइकिल को लेकर कोई न कोई बहाना बना देती थी, ताकि वह आरती की साइकिल के पीछे बैठ सके और सारी मेहनत आरती को ही करनी पड़े। उन्होंने बताया कि वह बहुत शरारती थी, लेकिन आज भी वे यादें उनके लिए बहुत खास हैं।

आरती ने कहा कि आज दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन उनका रिश्ता आज भी वैसा ही है। उनके लिए रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि यह वादा है कि जब भी उनकी बहन को भावनात्मक, आर्थिक या किसी भी तरह की जरूरत होगी, वे हमेशा उसके साथ रहेंगी। जब भी मौका मिलता है, दोनों अपनी मां के साथ मिलकर यह त्योहार मनाती हैं, अच्छा खाना खाती हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताती हैं।

नेहा सोलंकी ने बताया कि उनका एक छोटा भाई है, जो अपने माता-पिता के साथ उत्तराखंड में रहता है। इस साल वे रक्षाबंधन मनाने उसके पास घर नहीं जा पाएंगी। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के रिश्ते को मनाने वाले इस त्योहार पर घर से दूर रहना थोड़ा अधूरा सा लगता है।

नेहा का मानना है कि दूरी उनके प्यार और रिश्ते को कभी नहीं बदल सकती। इस साल भले ही वे अपने भाई को राखी बांधने के लिए उसके पास नहीं रहेंगी, लेकिन वे जहां भी रहेंगी, वहां से उसे अपना प्यार महसूस कराने की पूरी कोशिश करेंगी।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7 बजे और थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान शाम 7:30 बजे, हर सोमवार से शनिवार सिर्फ सन नियो पर प्रसारित होते हैं। राजनंदिनी जल्द ही, सिर्फ सन नियो पर नजर आएगी।