तस्वीर में फिल्मकार सुभाष घई नजर आ रहे हैं, जिन्होंने मुक्ता आर्ट्स की 48वीं वर्षगांठ पर अपनी आगामी फिल्म 'मान्या' का निर्माण पूरा किया है।   

भारतीय सिनेमा में अपने 50 साल पूरे करने की ओर अग्रसर फिल्मकार सुभाष घई ने अपनी अगली फिल्म ‘मान्या’ पूरी कर ली है। मुक्ता आर्ट्स की 48वीं वर्षगांठ के अवसर पर फिल्म का नया लुक पोस्टर जारी किया गया। इस फिल्म के जरिए श्रेयस तलपड़े लगभग दो दशक बाद मुक्ता आर्ट्स के साथ फिर से काम कर रहे हैं। समीर जोशी के निर्देशन में बनी ‘मान्या’ एक किशोर लड़के के जीवन पर केंद्रित है और अपराध के पीछे छिपी मानवीय कहानी को सामने लाने का प्रयास करती है।

सुभाष घई उन चुनिंदा फिल्मकारों में शामिल हैं, जिन्होंने संवेदनशील और मानवीय कहानियों के माध्यम से दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। उनकी फिल्मों में ‘कालीचरण’, ‘कर्ज़’, ‘हीरो’, ‘परदेस’ और ‘ताल’ जैसी मुख्यधारा की मनोरंजक फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘इकबाल’, ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ और ‘जॉगर्स पार्क’ जैसी छोटी फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों पर भी कहानियां प्रस्तुत की हैं। मुक्ता आर्ट्स के माध्यम से उन्होंने फिल्म निर्माण, वितरण, प्रदर्शन और फिल्म शिक्षा तक फैला व्यापक व्यवसाय भी स्थापित किया है।

मुक्ता आर्ट्स ने 24 अक्टूबर को अपनी 48वीं वर्षगांठ मनाई। कंपनी अब एनिमेटेड फीचर फिल्मों, फीचर फिल्मों, ओटीटी सीरीज और डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। इन परियोजनाओं में से कई की जानकारी दर्शकों के साथ जल्द साझा की जाएगी।

इस वर्ष सुभाष घई, संजय दत्त के साथ ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अनिल कपूर के साथ एक कोर्टरूम ड्रामा पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा उनके कई अन्य प्रोजेक्ट भी विकास के विभिन्न चरणों में हैं।

‘इकबाल’ के लगभग दो दशक बाद सुभाष घई और श्रेयस तलपड़े फिल्म ‘मान्या’ के लिए एक बार फिर साथ आए हैं। फिल्म का कथानक एक किशोर लड़के के जीवन पर आधारित है, जिसमें अपराध से आगे बढ़कर उसके पीछे की मानवीय परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

‘मान्या’ का निर्माण मुक्ता आर्ट्स, पुनीत अग्रवाल और राहुल पुरी ने स्लो बर्न एंटरटेनमेंट के सहयोग से किया है। फिल्म में ‘दृश्यम 3’ से जुड़ीं संवेदना सुवालका के साथ दिव्या शर्मा, प्रियदर्शिनी पूजा और जोहेब फारूकी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिल्म को लेकर सुभाष घई ने कहा, “यह महत्वपूर्ण पड़ाव मुक्ता आर्ट्स की यात्रा में एक नई और खास शुरुआत का प्रतीक है। आगे कई रोमांचक प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं, जिनमें ऐसी कहानियां शामिल हैं, जो जीवन में बहुत मायने रखती हैं। इनमें सबसे पहली फिल्म ‘मान्या’ है। लगभग दो दशक बाद श्रेयस के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा। इससे मुझे उनकी प्रतिभा और अभिनय के व्यापक दायरे को एक बार फिर करीब से देखने का मौका मिला। फिल्म की पूरी कास्ट ने भी अपने शानदार अभिनय से कहानी में गहराई जोड़ी है। नए और उभरते हुए कलाकारों में अपार संभावनाएं हैं, जो फिल्म के अन्य किरदारों में उनके खूबसूरत अभिनय के माध्यम से दिखाई देती हैं। मैं दर्शकों को अपनी नजरों से मान्या का सफर दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूं।”

भारतीय सिनेमा में इस वर्ष अपने 50 साल पूरे करने जा रहे सुभाष घई के लिए ‘मान्या’ उनके फिल्मी सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आने वाले समय में उनकी अन्य परियोजनाओं की भी घोषणा की जाएगी। मुक्ता आर्ट्स सिनेमा में हो रहे बदलावों के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी पुरानी परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दे रहा है। कंपनी की इस दिशा में ऐसी कहानियों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करना शामिल है, जो वास्तव में मायने रखती हैं।