फ्रेंडशिप डे पर सोनी सब कलाकारों ने साझा किए अनमोल रिश्तों के किस्से, दोस्तों के अटूट साथ को किया याद
फ्रेंडशिप डे के मौके पर सोनी सब के कलाकार इक़बाल खान, मनीष वाधवा, मुस्कान बामने, गुलकी जोशी और चंदन आनंद ने उन दोस्तों और परिवार के सदस्यों को याद किया, जिन्होंने उनके सपनों पर भरोसा किया और हर मुश्किल दौर में उनका साथ निभाया। जानिए उनकी भावुक कहानियां।
तस्वीर में बाएं से दाएं सोनी सब के कलाकार मनीष वाधवा, इक़बाल खान, मुस्कान बामने और चंदन आनंद दिखाई दे रहे हैं।
मुंबई, जुलाई, 2026: फ्रेंडशिप डे के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों ने उन दोस्तों और करीबी लोगों को याद किया, जिन्होंने उनकी ज़िंदगी के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर उनका साथ निभाया। कलाकारों ने बताया कि उपलब्धियों का जश्न मनाने से लेकर कठिन समय में हौसला बढ़ाने तक, सच्ची दोस्ती हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा रही है।
इस मौके पर सोनी सब के कलाकार इक़बाल खान, मनीष वाधवा, मुस्कान बामने, गुलकी जोशी और चंदन आनंद ने उन लोगों से जुड़ी दिल छू लेने वाली यादें साझा कीं, जिन्होंने शुरुआत से ही उन पर विश्वास किया और उनकी यात्रा के हर अध्याय में उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। कलाकारों ने बचपन, स्कूल, कॉलेज और परिवार से जुड़े उन रिश्तों का जिक्र किया, जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई और उन्हें मजबूत सपोर्ट सिस्टम का महत्व समझाया।
'यादें' में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे इक़बाल खान ने कहा, “मैं आज भी अपने सभी स्कूल और कॉलेज के दोस्तों से जुड़ा हुआ हूँ और मुझे सबसे ज़्यादा हैरानी इस बात की होती है कि उन्होंने मुझ पर विश्वास किया कि मैं एक्टर बनूँगा, उस समय जब मुझे खुद पर भी यकीन नहीं था। उन्होंने मुझमें वह देखा, जो मैं उस वक्त नहीं देख पाया और उनके उस भरोसे ने मुझे आत्मविश्वास दिया कि मैं अपने सपने को पूरा करने की पुरजोर कोशिश करता रहूँ, चाहे मेरे सामने आत्म-संदेह के पल ही क्यों न हों। ज़िंदगी हमें जहाँ भी ले गई हो, उन्होंने मेरी हर उपलब्धि को ऐसे मनाया, जैसे वह उनकी अपनी हो। ऐसे दोस्त होना, जो हर पड़ाव में आपके साथ खड़े रहें और आपकी सफलता में सच्चे दिल से खुश हों, एक आशीर्वाद है और मैं हमेशा उनके प्यार और सहयोग के लिए आभारी रहूँगा।”
'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे मनीष वाधवा ने कहा, “बचपन से ही मेरी माँ सिर्फ मेरी माता नहीं, बल्कि मेरी सबसे अच्छी दोस्त भी रही हैं। हम दोनों को संगीत से गहरा लगाव था और हम घंटों साथ बैठकर गाते थे। आज वही रिश्ता मेरे बचपन के दोस्त अजय के साथ भी जारी है, जो ज़िंदगी के हर पड़ाव में मेरे साथ खड़ा रहा है। वह ऐसा इंसान है, जो मुझे ज़मीन से जुड़ा रखता है, सच्चाई कहने से कभी नहीं डरता और हमेशा बिना शर्त मेरा साथ देता है। मेरे लिए, मेरी माँ और अजय दोनों ने यह दिखाया है कि सबसे मज़बूत दोस्तियाँ भरोसे, ईमानदारी और साथ मिलकर यादें बनाने की खुशी पर टिकी होती हैं।”
'पुष्पा इम्पॉसिबल' में शनाया का किरदार निभा रहीं मुस्कान बामने ने कहा, “मनोरंजन जगत कभी-कभी बेहद भारी लग सकता है, खासकर तब जब आप अपनी जगह तलाश रहे हों। उन दौर में मेरे सबसे करीबी दोस्तों में से एक, मेरे चाचू, मेरे सबसे बड़े चीयरलीडर बन गए। वे धैर्य से मेरी चिंताएँ सुनते, हर ऑडिशन से पहले मुझे प्रेरित करते और याद दिलाते कि हर असफलता मुझे सही अवसर के लिए तैयार कर रही है। उनका विश्वास मुझ पर कभी नहीं डगमगाया, भले ही मेरा विश्वास कभी-कभी हिल गया हो। आज मेरी हर उपलब्धि और भी खास लगती है, क्योंकि मुझे पता है कि इस सफ़र की शुरुआत से ही वे मेरे साथ रहे हैं।”
'हस्तिनापुर के वीर' में शकुनि का किरदार निभा रहे चंदन आनंद ने कहा, “मेरे लिए, मेरे माता-पिता हमेशा मेरे सबसे बड़े दोस्त और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं। उन्होंने हमेशा मेरी सफलता की कामना की और कई बार मुझसे भी ज़्यादा मेरे सपनों पर विश्वास किया। ज़िंदगी के हर पड़ाव में उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया और बिना शर्त मेरे साथ खड़े रहे। मैं सच में मानता हूँ कि इससे नि:स्वार्थ दोस्ती कोई और नहीं हो सकती।”
'यादें' में डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी ने कहा, “मैं भाग्यशाली रही हूँ कि मेरे पास ऐसे दोस्त और परिवार हैं, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है, इसलिए सिर्फ एक व्यक्ति का नाम लेना मुश्किल है। उन्होंने मेरी हर उपलब्धि का जश्न मेरे साथ मनाया, कठिन दौर में मुझे प्रोत्साहित किया और लगातार मुझे खुद पर विश्वास करने की याद दिलाई। यह जानना कि वे हमेशा मेरे साथ हैं, मेरे लिए बेहद खास है।”
फ्रेंडशिप डे के अवसर पर कलाकारों द्वारा साझा किए गए इन अनुभवों ने दोस्ती, भरोसे और साथ की अहमियत को रेखांकित किया। दर्शक 'यादें', 'हस्तिनापुर के वीर' और 'पुष्पा इम्पॉसिबल' सिर्फ सोनी सब पर देख सकते हैं।