‘रामायण’ के वीएफएक्स में खामियां न खोजें, यश की अपील; नमित मल्होत्रा के लिए कही बड़ी बात
‘रामायण’ के रिलीज-पूर्व कार्यक्रम में यश ने दर्शकों से वीएफएक्स में छोटी खामियां खोजने से बचने और नमित मल्होत्रा का समर्थन करने की अपील की। जानिए लॉस एंजिलिस में हुई मुलाकातों, रावण की भूमिका और फिल्म को वैश्विक मंच पर ले जाने के उनके प्रयासों के बारे में।
हैदराबाद में आयोजित फिल्म 'रामायण' के प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान मंच पर बोलते अभिनेता यश (बाएं), फिल्म में श्री राम की भूमिका में रणबीर कपूर (बीच में) और निर्माता नमित मल्होत्रा (दाएं)।
‘रामायण’ के वीएफएक्स में छोटी-छोटी खामियां निकालने के बजाय फिल्म के दृष्टिकोण को समझने की अपील करते हुए अभिनेता यश ने दर्शकों से निर्माता नमित मल्होत्रा का समर्थन करने का आग्रह किया है। हैदराबाद में आयोजित फिल्म के भव्य रिलीज-पूर्व कार्यक्रम में यश ने कहा कि भारतीयों की जिम्मेदारी है कि वे नमित मल्होत्रा जैसे व्यक्ति का साथ दें, जिन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए अपना पैसा, प्रतिष्ठा और सब कुछ दांव पर लगाया है।
20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ‘रामायण’ के इस कार्यक्रम में रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, रकुल प्रीत सिंह, रवि दुबे, निर्माता नमित मल्होत्रा, निर्देशक नितेश तिवारी और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना के वितरक दिल राजू शामिल हुए। कार्यक्रम में दिन का अंतिम संबोधन यश ने दिया। इस दौरान उन्होंने नमित मल्होत्रा के दृष्टिकोण का समर्थन करने और फिल्म को खुले मन से देखने की अपील की।
यश ने अपने संबोधन में कहा, “कोई भी फिल्म बना सकता है। कोई भी फिल्म बनाने का सपना देख सकता है। लेकिन कुछ ही लोगों में उस स्तर का जुनून, समर्पण, दृढ़ संकल्प और दीवानगी होती है। भारतीय होने के नाते मैं आपसे कह रहा हूं कि हमें इस व्यक्ति (नमित मल्होत्रा) की रक्षा करनी चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह व्यक्ति आराम से अपना कारोबार कर रहा था। मुझे पता है कि वह किस मुकाम पर हैं।”
नमित मल्होत्रा के साथ अपनी मुलाकातों का जिक्र करते हुए यश ने बताया कि जब भी वह लॉस एंजिलिस (LA) में उनसे मिलते थे, तो उनकी बातचीत का केंद्र भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना होता था। यश के मुताबिक, नमित कहते थे, “हम यहां बहुत कुछ कर रहे हैं। भारतीयों ने बहुत कुछ किया है। लेकिन हमें यह अपने भारतीय फिल्म उद्योग के लिए करना चाहिए। हम ऑस्कर जीत रहे हैं, लेकिन मैं खुश नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि हमारा उद्योग उस स्तर पर पहुंचे। जिस दिन ऐसा होगा, हम खुश होंगे।” यश ने कहा कि नमित की यही सोच उनके लिए उनके साथ काम करने का निर्णय लेने का आधार बनी।
अभिनेता ने आगे बताया कि उन्होंने नमित से कहा था, “नमित, चलो आगे बढ़ते हैं। जो भी करना पड़े, करेंगे, क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। हां, मैं रावण की भूमिका निभाऊंगा। हां, मैं निर्माण में साझेदार बनूंगा। देखा जाएगा कि क्या होता है।” यश के अनुसार, उस दिन से नमित ने उन्हें पूरा सम्मान दिया और हमेशा उनकी तुलना में उनका अधिक ख्याल रखा।
यश ने कहा कि नमित ने बड़ा जोखिम उठाया है। उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा, अपना पैसा और सब कुछ दांव पर लगाकर फिल्म को वैश्विक मंच पर पहुंचाने का प्रयास किया है। यश ने कहा, “अगर लोगों को सिनेमा पसंद है, तो वे इसके बारे में बात करेंगे। लेकिन कृपया वीएफएक्स में छोटी-छोटी खामियां खोजने की कोशिश न करें। ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अगर हमने अभी नमित जैसे लोगों को खो दिया, तो हम कई साल पीछे चले जाएंगे। इसलिए ‘रामायण’ को खुले मन से देखें। उनकी मंशा पूरी तरह सही है।”
यश ने यह भी स्पष्ट किया कि नमित मल्होत्रा आलोचनाओं और सुधार के सुझावों को हमेशा स्वीकार करते रहे हैं और फिल्म को बेहतर बनाने की कोशिश की है। उनके इस संबोधन का मुख्य संदेश फिल्म के दृश्य प्रभावों में कमियां तलाशने के बजाय उसके व्यापक उद्देश्य और भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के प्रयास को महत्व देना था।
‘रामायण’ 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज से पहले यश की अपील ने नमित मल्होत्रा के दृष्टिकोण और फिल्म के निर्माण से जुड़े जोखिमों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।