17 साल की उम्र में ‘मोहब्बतें’ से बॉलीवुड में आईं किम शर्मा, शाहरुख खान संग काम करने का अनुभव बताया
किम शर्मा ने बताया कि 17 साल की उम्र में ‘मोहब्बतें’ के ऑडिशन से बॉलीवुड तक पहुंचने का उनका अनुभव कैसा रहा। शाहरुख खान के साथ काम करने, परिवार को चयन की जानकारी देर से देने और प्रसिद्धि से दूरी बनाए रखने की कहानी जानें।
फिल्म 'मोहब्बतें' से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली अभिनेत्री किम शर्मा, जिन्होंने 17 साल की उम्र में शाहरुख खान जैसे सितारों के साथ काम करने का अपना अनुभव साझा किया है।
अभिनेत्री किम शर्मा ने फिल्म ‘मोहब्बतें’ से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया है। वर्ष 2000 में रिलीज हुई इस फिल्म में काम मिलने के समय किम शर्मा महज 17 साल की थीं। उन्होंने बताया कि अभिनय की दुनिया में कदम रखते समय न तो उनके पास अभिनेता बनने की कोई लंबी योजना थी और न ही प्रसिद्धि हासिल करने की विशेष इच्छा।
किम शर्मा के मुताबिक, उन्होंने फिल्म के ऑडिशन को जीवन बदलने वाले अवसर के बजाय एक पेशेवर काम की तरह लिया था। अभिनय और प्रसिद्धि को लेकर उनकी अपेक्षाएं सीमित थीं। इसी वजह से बड़े सितारों के साथ एक बड़ी फिल्म में काम करने के दौरान वह दबाव से अपेक्षाकृत सहजता से निपट सकीं।
अभिनेत्री ने बताया कि उनका पारिवारिक माहौल भी फिल्मी दुनिया से काफी अलग था। उनके परिवार में फिल्में और टेलीविजन देखने को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। ऐसे में उन्हें शुरुआत में इस बात का पूरा अंदाजा नहीं था कि ‘मोहब्बतें’ जैसी फिल्म का हिस्सा बनना कितना बड़ा अवसर है। किम ने अपने चयन की जानकारी भी कई महीनों तक माता-पिता को नहीं दी, क्योंकि उस समय उनके परिवार में इस उपलब्धि को लेकर वैसी अहमियत नहीं थी।
किम शर्मा ने पीछे मुड़कर देखते हुए स्वीकार किया कि कम उम्र में फिल्म उद्योग की प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि को लेकर उनकी अनभिज्ञता ने उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद की। इससे वह अपने शुरुआती करियर के दौरान भी सहज बनी रहीं।
शाहरुख खान जैसे सितारों के साथ काम करने का अनुभव
‘मोहब्बतें’ के सेट पर शाहरुख खान जैसे स्थापित सितारों के साथ काम करना किसी नए कलाकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता था। हालांकि, किम शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों और फिल्म की टीम के व्यवहार ने उनके लिए इस बदलाव को आसान बनाया। उन्होंने सेट पर मौजूद लोगों को सहयोगी, विनम्र और पेशेवर बताया।
किम ने अपने सह-कलाकारों की प्रतिष्ठा से प्रभावित होकर दबाव महसूस करने के बजाय काम पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अनुभवी कलाकारों के साथ रहते हुए उनके काम करने के तरीके और पेशेवर व्यवहार से सीखने की कोशिश की।
प्रसिद्धि को लेकर नहीं था खास आकर्षण
किम शर्मा ने अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि प्रसिद्धि को लेकर अत्यधिक उत्साहित न रहने से उन्हें सामान्य जीवन के प्रति अपना नजरिया बनाए रखने में मदद मिली। उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उन्हें अपनी सफलता की घोषणा करनी है या यह जताना है कि उन्होंने कोई बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है।
अभिनेत्री के अनुसार, वह उस समय इस बात को लेकर भी बहुत सचेत नहीं थीं कि लोग उनकी उपलब्धियों और सार्वजनिक छवि को किस नजर से देखते हैं। उनके इसी सहज रवैये ने फिल्म की सफलता के दौरान भी उन्हें संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद की।
‘मोहब्बतें’ ने भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। किम शर्मा के अनुभव से यह भी सामने आता है कि फिल्म उद्योग में उनकी शुरुआत के समय प्रसिद्धि और करियर को लेकर उनकी सोच आज के कई नए कलाकारों से अलग थी।