लव रंजन ने नए एक्टर्स पर जताया भरोसा, कहा- स्टारडम बढ़ाता है सफलता
फिल्म निर्माता लव रंजन ने आगामी फिल्म 'पहला प्यार दूसरी बार' के जरिए नए टैलेंट को मौका देने और सिनेमा में स्टारडम की भूमिका पर खुलकर राय रखी।
ब्लू बैकग्राउंड में फिल्म 'पहला प्यार दूसरी बार' के छह युवा कलाकार साथ पोज दे रहे हैं।
फ़िल्ममेकर लव रंजन ने अपनी आने वाली फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ के जरिए नए टैलेंट को मौका देने की अपनी सोच और हिंदी सिनेमा में कंटेंट बनाम स्टारडम की बहस पर खुलकर बात की है। ‘प्यार का पंचनामा’ से लेकर ‘पहला प्यार दूसरी बार’ तक रंजन ने दर्शकों से जुड़ने वाली कहानियों के साथ रिलेटेबल टैलेंट को सामने लाने का सिलसिला जारी रखा है। उनकी नई फिल्म में छह यंग एक्टर्स को यूथ सेंट्रिक रोमांटिक कॉमेडी का हिस्सा बनाया गया है।
नए स्टार्स और डायरेक्टर्स को मौका देने की अपनी कोर फिलॉसफी बताते हुए लव रंजन ने कहा, “नए स्टार्स या फिर डायरेक्टर्स कैसे बनेंगे अगर उन्हें कोई चांस ही नहीं देगा? जब मैं इस शहर में किसी को नहीं जानता था, तब लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया था। आपको नया टैलेंट क्रिएट करने के लिए इसे आगे पास करना होता है। जब लोग पूछते हैं, ‘न्यूकमर्स के साथ क्यों काम करें?’ तो मेरा जवाब है: ‘क्यों नहीं?’”
‘पहला प्यार दूसरी बार’ के लिए कास्टिंग प्रक्रिया में सही टैलेंट को साथ लाने पर खास ध्यान दिया गया। रंजन ने बताया, “हमने छह से आठ महीनों के समय में ऑडिशन लिए और उन्हें कास्ट किया। ज़्यादातर के पास पहले से कुछ ट्रेनिंग थी। कास्टिंग के बाद, वर्कशॉप्स को खास कर के फिल्म के डायरेक्टर ने हैंडल किया, जिनका सबसे ज्यादा फोकस स्क्रिप्ट रीडिंग्स पर रहा।”
आज के नए एक्टर्स के पास पहले की तुलना में ज्यादा टूल्स और एक्सपोजर होने के बावजूद रंजन का मानना है कि मौजूदा दौर अपनी अलग चुनौतियां भी लेकर आया है। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि आज के एक्टर्स टैलेंट या तैयारी के मामले में बेहतर हैं, बल्कि वे अपने समय का नतीजा हैं। आज के एक्टर्स को समाज के साथ ज्यादा एक्सपोजर, सोशल मीडिया और कास्टिंग व स्टाइलिंग को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जानकारी मिलती है। हालांकि, 15 से 30 साल पहले के एक्टर्स के मुकाबले आज उनके पास कहीं ज्यादा टूल्स और जानकारी मौजूद है, लेकिन इसके साथ उनका ध्यान भटकाने वाली चीजें भी काफी ज्यादा हैं।”
प्रोड्यूसर्स को बॉक्स ऑफिस पर सुरक्षित दांव खेलने की बहस पर लव रंजन ने कहा कि हिंदी सिनेमा को आगे बढ़ाने के लिए नए चेहरों पर जोखिम लेना जरूरी है। उन्होंने कहा, “सेफ क्या है? आज कोई भी सक्सेस की गारंटी नहीं दे सकता। एस्टैब्लिश्ड स्टार्स कंटेंट के हिसाब से आपको ₹50 करोड़ की ओपनिंग भी दे सकते हैं और ₹8 करोड़ की भी। लेकिन इससे भी ज़्यादा अहम बात यह है कि अगर आप न्यूकमर्स को नहीं लाएंगे, तो अगली जनरेशन के स्टार्स कहां से आएंगे?”
रंजन ने हिंदी सिनेमा के इकोसिस्टम में लगातार नए चेहरों की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन हर छह-सात साल में आपको एक्टर्स की एक नई वेव चाहिए होती है क्योंकि मौजूदा स्टार्स की उम्र बढ़ती जाती है। 1990 के दशक के उलट, जब एक्टर्स साल में कई फ़िल्में करते थे, आज टॉप स्टार्स हर एक-दो साल में एक फ़िल्म करते हैं। नए एक्टर्स का एक भरोसेमंद पूल होने से हमें ज़्यादा फिल्में बनाने में मदद मिलती है।”
नए एक्टर्स और डायरेक्टर्स के साथ काम करने को लेकर अपने व्यक्तिगत उत्साह पर रंजन ने कहा, “पर्सनल लेवल पर, मुझे नए एक्टर्स और नए डायरेक्टर्स के साथ काम करना बहुत पसंद है। उनकी एनर्जी जबरदस्त होती है, वे पैशनेट होते हैं, रिसोर्सफुल होते हैं, और अपनी पहली फ़िल्म को खास बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।”
कंटेंट और स्टार पावर की बहस पर रंजन ने कहा कि दोनों की अपनी भूमिका है। उन्होंने कहा, “नहीं, स्लीपर हिट्स हमेशा से रही हैं। ‘प्यार का पंचनामा’ 15 साल पहले हुई थी और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ आठ साल पहले। स्ट्रॉन्ग कंटेंट ऑडियंस का दिल जीतने के लिए ज़रूरी है, लेकिन स्टारडम एक बड़े एम्प्लीफायर का काम करता है। नॉन-स्टार्स के साथ एक अच्छी फिल्म अपनी ऑडियंस ढूंढ ही लेगी, लेकिन वही अच्छी फ़िल्म एक सुपरस्टार के साथ एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग ब्लॉकबस्टर बन जाती है। स्टारडम सफलता को मैग्निफाई करता है।”
‘पहला प्यार दूसरी बार’ को लव रंजन और अंकुर गर्ग ने साथ मिलकर को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म यूथ, लव और साथ रहने की एक फ्रेश और दिल छू लेने वाली कहानी पेश करने का वादा करती है। यह फिल्म 23 अक्टूबर, 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।