मशहूर भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने 1980 के दशक में 'श्री दिनेश मिल्स लिमिटेड' के लिए 11 साल से अधिक समय तक विज्ञापन किया था, जिसे वडोदरा में शुरू किया गया था।

श्री दिनेश मिल्स लिमिटेड देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कपड़ा ब्रांड्स में से एक है, जिसकी स्थापना 1 जुलाई 1935 को वडोदरा (तत्कालीन बड़ौदा) में हुई थी। शुरुआत में इस कंपनी को 'महारानी वुलेन मिल्स' के नाम से जाना जाता था और यहां मुख्य रूप से ऊनी कपड़ों का निर्माण किया जाता था। समय के साथ वडोदरा, गुजरात में इसका एक विशाल कारखाना स्थापित हुआ, जिसे पटेल परिवार द्वारा संचालित किया जाता है। यह ब्रांड बेहतरीन कोट-पैंट सूटिंग्स के साथ-साथ कागज निर्माण फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी टेक्निकल टेक्सटाइल यानी मशीन फेल्ट्स भी तैयार करता है।

अस्सी के दशक में इस ब्रांड को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर की भूमिका सबसे अहम रही थी। गावस्कर ने इस ब्रांड के साथ 11 साल से अधिक लंबा रिश्ता निभाया और लगातार इसका प्रचार किया, जो अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड है। उस दौर में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले उनके विज्ञापन और उनकी लोकप्रिय टैगलाइन 'टेक द वर्ल्‍ड इन योर स्‍ट्राइड... दिनेश' आम लोगों की जुबान पर चढ़ गई थी। उनके विज्ञापनों का क्रेज ऐसा था कि आज भी लोगों को वह दौर अच्छी तरह याद है।

हालांकि, समय के पहिए के साथ बाजार में रेमंड और विमल जैसे अन्य बड़े और शक्तिशाली ब्रांड्स का मुकाबला सामने आया, जिससे दिनेश मिल्स की सीधी बाजार में पकड़ थोड़ी कमजोर होने लगी। कंपनी ने खुद को संभालते हुए सीधे खुदरा बाजार के बजाय थोक और बड़े पैमाने पर माल सप्लाई करने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। उम्र और खेल के बदलते समीकरणों के बीच जब गावस्कर का विज्ञापन वाला असर कम हुआ, तो कंपनी ने बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेताओं जैसे जैकी श्रॉफ और बाद में अक्षय खन्ना को भी अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया। लेकिन वे दोनों दिग्गज कलाकार सुनील गावस्कर वाला वह पुराना करिश्मा और जादुई सफलता इस ब्रांड के लिए दोबारा नहीं दोहरा सके।

कारोबारी चुनौतियों के बावजूद यह पुरानी कंपनी आज भी बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराए हुए है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी ने ठीक-ठाक कमाई और मुनाफा दर्ज किया है। इसके अलावा, अपने कारोबार को सुचारू बनाने के लिए कंपनी ने सितंबर 2025 में अपनी एक अन्य कंपनी 'दिनेश रेमेडीज' में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। आज भी यह ब्रांड अपनी ऐतिहासिक विरासत और औद्योगिक कपड़ों के सहारे अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।