कृति सेनन की चोली पर प्राइम टाइम बहस से भड़कीं एक्ट्रेस, करीना कपूर ने भी किया समर्थन
कृति सेनन की चोली पर प्राइम टाइम न्यूज में हुई बहस के बाद अभिनेत्री ने महिलाओं के पहनावे, ऑनलाइन ट्रोलिंग और लैंगिक भेदभाव पर खुलकर बात की। करीना कपूर खान ने भी उनका समर्थन करते हुए पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत की सराहना की।
करीना कपूर के शो में कपड़ों की ऑनलाइन ट्रोलिंग पर खुलकर बोलीं अभिनेत्री कृति सेनन.
अभिनेत्री कृति सेनन ने महिलाओं के कपड़ों, उनके पहनावे और निजी पसंद को लेकर होने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग पर खुलकर अपनी बात रखी है। करीना कपूर खान के शो ‘व्हाट वुमन वॉन्ट’ में बातचीत के दौरान कृति ने बताया कि किस तरह उनकी चोली को लेकर प्राइम टाइम न्यूज पर बहस हुई। उन्होंने इस घटना को महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और उन्हें लगातार परखे जाने की समस्या से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं को अपने फैसलों और पसंद के लिए बार-बार सफाई देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। इस दौरान करीना कपूर खान ने भी कृति की बेबाकी की तारीफ की और पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाने को हिम्मत का काम बताया।
करीना कपूर खान के शो ‘व्हाट वुमन वॉन्ट’ में कृति सेनन ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों, ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपने लिए आवाज उठाने के महत्व पर चर्चा की। बातचीत के दौरान एक सेगमेंट में उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों पर कभी ‘बॉस लेडी’ तो कभी ‘बैडी’ के अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने अपने एक विज्ञापन के आउटफिट को लेकर हुई ट्रोलिंग का भी जिक्र किया। उनकी चोली को लेकर हुई टिप्पणियों ने महिलाओं के पहनावे पर सवाल उठाने और उन्हें निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर बहस छेड़ दी।
आमतौर पर ट्रोलिंग को नजरअंदाज करने के अपने तरीके के बारे में बताते हुए कृति ने कहा, “मैं बॉस हूं। मैं किसी भी ट्रोल पर ध्यान नहीं देती। मैं उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती। मुझे महसूस नहीं होता कि मुझे सफाई देने की जरूरत है, क्योंकि मैं उन्हें तवज्जो नहीं देना चाहती। मैं इसे जाने देती हूं। मैं उनसे कुछ नहीं कहती और प्रतिक्रिया भी नहीं देती। लेकिन हाल ही में जो हुआ, उसमें मेरी चोली राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गई। हे भगवान, मुझे आधी बार तो यकीन ही नहीं हुआ कि मेरी चोली प्राइम टाइम न्यूज पर छह लोगों के पैनल की चर्चा का विषय बन गई। मैं सोच रही थी कि यह क्या हो रहा है? आमतौर पर मैं कुछ नहीं कहती। ट्रोलिंग तो इससे बहुत पहले भी हो चुकी थी। तभी मुझे लगा कि अब मुझे थोड़ा ‘बैडी’ बनना पड़ेगा।”
कृति की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए करीना कपूर खान ने कहा, “जो वाकई बहुत शानदार था।”
कृति ने इसके बाद स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिक्रिया केवल व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं थी। उन्होंने कहा, “थैंक यू। लेकिन ऐसा इसलिए नहीं था कि मुझे लगा कि यह मेरे बारे में है। यह एक बहुत बड़ा मुद्दा था। मुझे लगता है कि महिलाओं को हर चीज के लिए लगातार परखा जाता है। छोटी-छोटी बातों पर सिर्फ महिलाओं को निशाना बनाया जाता है।”
कृति की बात से सहमति जताते हुए करीना ने कहा, “हां, और यह आपकी पसंद है कि आप क्या और कैसे पहनना चाहते हैं।”
इसके बाद कृति ने महिलाओं के शरीर, वजन और पहनावे को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आप क्या पहनना चाहती हैं, वह बहुत छोटा है, बहुत लंबा है, वजन बढ़ गया है, बहुत पतली लग रही हैं, अरे, क्या वह गर्भवती है? आपको कितनी बार सफाई देनी पड़ी है? हां, आपने पिज्जा, पास्ता और वाइन खाई थी।” करीना की ओर इशारा करते हुए उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह सब क्या हो रहा है।
कृति ने आगे कहा कि किसी को कोई आउटफिट पसंद आना या पसंद नहीं आना एक निजी राय हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसी के पहनावे को लेकर अपनी पसंद-नापसंद जाहिर करना अलग बात है, लेकिन जब यही टिप्पणियां नफरत और निशाना बनाने का रूप ले लेती हैं, तो मामला गंभीर हो जाता है। इस पर करीना ने कहा कि अब यह मुद्दा अगले स्तर तक पहुंच गया है।
कृति ने सवाल उठाया, “इतनी नफरत क्यों होती है? यह नफरत आखिर किस बात की है?” करीना ने उनकी बात से सहमति जताते हुए ट्रोलिंग को “बिल्कुल गैरजरूरी” बताया।
महिलाओं के लिए अपने फैसलों का बचाव करने की जरूरत पर बात करते हुए कृति ने अपनी बहन के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जैसे मेरी बहन का कहना था कि तुम अपना कमेंट बंद कर दो। मैंने पूछा, क्यों? वह बोली, ओह, मैं इस सब से बहुत परेशान हो रही हूं। मुझे लगता है कि महिलाओं के लिए अपने लिए खड़े होना जरूरी है, क्योंकि हर चीज पर इतने सवाल उठाए जाते हैं। इन लोगों को यह हक किसने दिया है कि वे हम पर टिप्पणी करें और किस बात के लिए? महिलाएं असल में यही चाहती हैं कि उन्हें जज न किया जाए और लोग अपने काम से मतलब रखें।”
करीना कपूर खान ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कृति के खुलकर बोलने की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘व्हाट वुमन वॉन्ट’ जैसे शो पर कृति का आकर अपनी बात रखना और इस सच्चाई को सामने लाना प्रेरणादायक है। करीना ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के अनुभवों और उनसे जुड़े सवालों पर ऐसे मंचों पर खुलकर चर्चा होना महत्वपूर्ण है।
कृति ने अपने अनुभव को दूसरी महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की ट्रोलिंग केवल उनके साथ नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “और यह इसलिए भी है कि ऐसा कई महिलाओं के साथ हुआ है। एक्टर्स सबसे आसान निशाना होते हैं। यह सिर्फ मेरे साथ नहीं है। हाल ही में कई लोगों के साथ ऐसा हुआ है और यह बहुत दुख की बात है, क्योंकि हम भी इंसान हैं और इन सभी चीजों का हम पर भी असर पड़ता है। यह सही नहीं है और न ही किसी अन्य महिला के लिए सही है।”
कृति की बात सुनकर करीना ने कहा, “मुझे लगता है कि ‘बैडी’ बनना आपकी बहुत, बहुत बड़ी हिम्मत है। तो आप एक बैडी हैं।”
इस पर कृति ने सहमति जताते हुए अपने लिए खड़े होने के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में मजबूती से अपनी बात रखने में विश्वास करती हैं। कृति ने कहा, “हां, जब बात इसकी आती है, तो मैं अपने लिए खड़े होने को लेकर बहुत मजबूत महसूस करती हूं। अपने लिए खड़े होना और लैंगिक असमानता तथा पितृसत्ता को चुनौती देना जरूरी है। पितृसत्ता इतनी गहराई तक बसी हुई है कि उसे तोड़ने के लिए हमें कई बार उसे झकझोरने की कोशिश करनी पड़ेगी, तभी वह टूटेगी।”
बातचीत के अंत में करीना ने कृति की बातों से सहमति जताते हुए कहा, “नहीं, बिल्कुल सही।”
इस पूरी चर्चा में कृति ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के रूप-रंग और पहनावे पर लगातार नजर रखने वाले लोग कई बार अपनी निजी राय व्यक्त करने से आगे बढ़कर उन्हें निशाना बनाने लगते हैं। ऐसी टिप्पणियों का असर उनके परिवारों तक भी पहुंच सकता है। करीना के साथ बातचीत में कृति ने महिलाओं के खुद को अपनी पसंद के अनुसार व्यक्त करने के अधिकार की बात रखी और कहा कि इसके लिए उन्हें न तो गलत व्यवहार का सामना करना चाहिए और न ही अपनी पसंद को सही ठहराने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।
कृति के मुताबिक, अपने लिए आवाज उठाना केवल व्यक्तिगत प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लैंगिक असमानता और पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने का भी एक तरीका है। उनकी चोली को लेकर हुई ट्रोलिंग और प्राइम टाइम चर्चा के संदर्भ में यह बातचीत महिलाओं के पहनावे, निजी स्वतंत्रता और सार्वजनिक टिप्पणियों की सीमाओं से जुड़े सवालों को सामने लाती है।