सोनी सब के टीवी धारावाहिक 'यादें' में जिया का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री सहज राजपूत अपने अभिनय के अनुभवों पर चर्चा करते हुए।

सोनी सब के धारावाहिक ‘यादें’ में जिया का किरदार निभा रहीं सहज राजपूत ने शो की आगे बढ़ती कहानी, अपने अभिनय के अनुभव और सह-कलाकार इक़बाल खान व गुलकी के साथ काम करने से मिली सीख के बारे में बात की है। सहज के मुताबिक, यह कहानी हास्य, भावनाओं, रोज़मर्रा के रिश्तों और हल्के-फुल्के चिकित्सकीय रहस्यों को एक साथ प्रस्तुत करती है, जिससे दर्शक खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सकेंगे।

धारावाहिक में डॉ. देव (इक़बाल खान) अपने परिवार के साथ किल्लारी गाँव में आकर बसते हैं। इसके बाद जिया (सहज राजपूत) एक नए माहौल में पहुँचती है, जहाँ बदलती परिस्थितियाँ उसकी ज़िंदगी में नए समीकरण और रिश्ते लेकर आती हैं। सहज ने जिया के व्यक्तित्व, उसके पारिवारिक संबंधों, मल्हार के साथ उसकी दोस्ती और गाँव में शूटिंग के अनुभवों को लेकर अपने विचार साझा किए।

जिया के किरदार और कहानी में उसके सफर के बारे में सहज ने बताया कि कम उम्र में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद वह समझदार, प्यारी और संवेदनशील लड़की है। वह हमेशा अपने परिवार को एकजुट रखने की कोशिश करती है। मल्हार से मिलने के बाद जिया धीरे-धीरे अपने व्यक्तित्व के चंचल और बेफिक्र पहलू को फिर से खोजती है। दोनों की कहानी मासूम और प्यारी है, जिसमें मल्हार जिया को उसके भीतर छिपे बच्चे से दोबारा जुड़ने में मदद करता है। दर्शकों को दोनों के प्यारे पल देखने के साथ ही अपने माता-पिता को करीब लाने के लिए जिया की छोटी-छोटी कोशिशें भी देखने को मिलेंगी।

जिया के व्यक्तित्व को समझने के अपने अनुभव पर सहज ने कहा कि शुरुआत में उन्हें चिंता थी कि क्या वह इस किरदार के साथ न्याय कर पाएँगी। शूटिंग शुरू करने के बाद उन्हें समझ आया कि जिया ने कम उम्र में बहुत कुछ सहा है, लेकिन इसके बावजूद वह चुलबुली, प्यारी और ज़िंदगी से भरपूर है। उसका सबसे बड़ा सपना अपने माता-पिता को एक साथ लाना है। हालाँकि, इस कोशिश में वह कहीं न कहीं अपने बचपन को खुलकर जीना भूल गई है। मल्हार से मिलने के बाद वह अपने व्यक्तित्व के चंचल और बेफिक्र पहलू को दोबारा पहचान पाती है। अपने सौतेले भाई ध्रुव के साथ भी उसका खास रिश्ता है और वह उससे अपने सगे भाई की तरह प्यार करती है।

अपने अभिनय में सुधार की कोशिशों के बारे में सहज ने बताया कि जिया के माध्यम से वह अपने अभिनय में अधिक ठहराव, स्थिरता और सहजता लाने पर काम कर रही हैं। जिया शांत और संयमित स्वभाव की है, इसलिए सहज को अपनी अभिनय गति धीमी करनी पड़ी और उसके व्यक्तित्व को एक अलग तरीके से समझना पड़ा। वह सचेत रूप से अपने अभिनय में इस शांति को शामिल करने की कोशिश कर रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि दर्शकों को एक अभिनेता के रूप में उनका अलग रूप देखने को मिलेगा।

शो में इक़बाल खान और गुलकी के साथ काम करने के अनुभव पर सहज ने कहा कि वह दोनों से बहुत कुछ सीख रही हैं। उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बात यह है कि कई शो और अलग-अलग किरदार निभाने के बावजूद दोनों विनम्र बने हुए हैं। सहज के मुताबिक, एक कलाकार को लगातार नई परिस्थितियों और नए व्यक्तित्वों के अनुरूप खुद को ढालना पड़ता है, जिसके लिए मन का शांत रहना आवश्यक है। उन्होंने महसूस किया है कि शांत दिमाग बनाए रखना और एक दृश्य से दूसरे दृश्य में जाते समय पिछली बातों को अपने साथ न ले जाना कितना महत्वपूर्ण है। सेट पर दोनों को काम करते हुए और उनके व्यवहार को देखकर भी उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।

शूटिंग से पहले की अपनी दिनचर्या के बारे में सहज ने बताया कि वह ध्यान और थोड़ी-बहुत कसरत के लिए समय निकालने की कोशिश करती हैं। इसमें 20 मिनट की तेज़ दौड़ या कुछ देर स्ट्रेचिंग करना शामिल है। इससे वह खुद को सक्रिय और तरोताज़ा महसूस करती हैं। उनके अनुसार, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, खासकर तब, जब शूटिंग के घंटे लंबे हों। इससे उन्हें संतुलित रहने और दिन की शुरुआत के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।

जिया के व्यक्तित्व के उन पहलुओं पर बात करते हुए, जिनसे दर्शक जुड़ाव महसूस कर सकते हैं, सहज ने कहा कि जिया एक प्यारी बेटी है, जिसने बहुत कुछ झेला है, लेकिन फिर भी वह ज़िंदगी के सकारात्मक पहलू को देखने का चुनाव करती है। उन्हें जिया की परिपक्वता और परिस्थितियों को संभालने का तरीका सबसे अधिक पसंद है। सहज के मुताबिक, मुश्किल अनुभवों से गुजरने वाले बच्चे कभी-कभी अपने माता-पिता से दूर हो सकते हैं या अपनी भावनाएँ व्यक्त करने में परेशानी महसूस कर सकते हैं, लेकिन जिया का दृष्टिकोण अलग है। उसके और उसके माता-पिता के रिश्ते में एक खूबसूरत बदलाव दिखाई देता है, जहाँ वह लगभग उनकी देखभाल करने वाली बन जाती है। कई मायनों में ऐसा लगता है, जैसे एक बच्ची अपने माता-पिता की परवरिश कर रही हो। सहज का मानना है कि दर्शकों को जिया की यात्रा का यह पहलू खास तौर पर जुड़ाव महसूस कराएगा।

किल्लारी गाँव में कहानी के नए घटनाक्रम और वहाँ के माहौल के बारे में सहज ने बताया कि उनके लिए पूरा अनुभव नया रहा है। इसमें सेट, वहाँ के लोग और कहानी, सभी शामिल हैं। गाँव पर आधारित बाहरी स्थानों पर शूटिंग करना उनके लिए खास तौर पर दिलचस्प रहा, क्योंकि इसमें कई तरह की चुनौतियाँ भी आती हैं। कलाकार को अपने आसपास के माहौल के अनुरूप खुद को ढालना पड़ता है और अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होता है। सहज के अनुसार, गाँव के जीवन से जुड़ी कहानी का हिस्सा बनने से उन्हें अपनी भारतीय जड़ों और संस्कृति से अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिला है।

पहले से दर्शक-वर्ग वाले शो में जिया का किरदार निभाने की ज़िम्मेदारी पर सहज ने कहा कि कहानी पहली बार सुनने पर उनके मन में यह सवाल आया था कि क्या वह इस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय कर पाएँगी। इसकी एक वजह जिया और उसके माता-पिता के रिश्तों का पहले से स्थापित होना था। कास्टिंग से लेकर शूटिंग तक सब कुछ तेजी से हुआ, इसलिए उन्हें एक साथ कई चीज़ों को समझना और अपनाना पड़ा। हालाँकि, वह उम्मीद से कहीं अधिक जल्दी इस माहौल में घुल-मिल गईं। इसका श्रेय उन्होंने इक़बाल सर और गुलकी मैम को दिया, जिन्होंने शुरुआत से ही उन्हें सहज महसूस कराया। सहज का मानना है कि कलाकार को हर बात के बारे में ज़रूरत से ज़्यादा सोचने के बजाय पूरी प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। इसी सोच ने उन्हें जिया के किरदार को समझने और अपने तरीके से निभाने में मदद की।

गाँव के बाहरी माहौल में शुरुआती दृश्यों की शूटिंग से मिली सीख के बारे में सहज ने कहा कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, कलाकार को उनके अनुरूप खुद को ढालना आना चाहिए। गाँव में बाहरी स्थानों पर शूटिंग के दौरान कई प्राकृतिक परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं, जो कलाकार के नियंत्रण से बाहर रहती हैं। ऐसे में हर परिस्थिति में अपना प्रदर्शन देने के लिए तैयार रहना ज़रूरी है, न कि सब कुछ पूरी तरह सही होने की उम्मीद करना। उनके लिए यह एक अलग तरह का प्रशिक्षण रहा है, जिसने उन्हें अधिक लचीला बनना और अप्रत्याशित परिस्थितियों के साथ सहज रहना सिखाया है।

आगामी एपिसोड में जिया और मल्हार के रिश्ते को लेकर सहज ने बताया कि दर्शकों को दोनों के बीच कई मज़ेदार पल देखने को मिलेंगे। दोनों की पृष्ठभूमि अलग-अलग है। जिया शहर से है, जबकि मल्हार गाँव का लड़का है। ऐसे में दोनों के सोचने और चीज़ों को समझने के अलग-अलग नज़रिए कहानी को दिलचस्प बनाएँगे। कई मौकों पर मल्हार अपनी ही सोच पर सवाल उठाने लगेगा। सहज के अनुसार, यह देखना रोचक होगा कि दोनों के रिश्ते का सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

सहज ने यह भी बताया कि वह खुद ऐसी इंसान हैं, जिन्हें हर जगह माता-पिता को फिर से करीब लाना अच्छा लगता है और ऐसा करने का मौका मिलने पर वह उसे नहीं छोड़तीं। उन्होंने ‘यादें’ को ज़िंदगी से जुड़ी ऐसी कहानी बताया, जिसमें अपनापन और कई ऐसे पल हैं, जिनसे लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि दर्शकों को कहानी का आगे बढ़ना पसंद आएगा।

सोनी सब पर धारावाहिक ‘यादें’ हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे प्रसारित होता है। जिया के पारिवारिक रिश्तों, मल्हार के साथ उसके बदलते समीकरणों और किल्लारी गाँव में उसके नए अनुभवों के जरिए कहानी आगे बढ़ेगी।