तस्वीर में अभिनेता जितेन लालवानी सोनी सब के शो 'हस्तिनापुर के वीर' में गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

सोनी सब का ‘हस्तिनापुर के वीर’ युवा पांडवों और कौरव राजकुमारों की यात्रा को दिखाता है, जहाँ हर चुनौती उन्हें साहस, नेतृत्व और मिलकर काम करने का महत्व सिखाती है। पांडवों और कौरवों के बीच जारी मतभेदों के बीच द्रोणाचार्य (जितेन लालवानी) उन्हें एकजुट करने के नए रास्ते तलाश रहे हैं।

आगामी एपिसोड्स में राजकुमारों को पता चलता है कि गंगा नदी के किनारे मगरमच्छ गाँव वालों पर हमला कर रहे हैं। द्रोणाचार्य इस खतरे को अपने शिष्यों के लिए चुनौती में बदलने का फैसला करते हैं। हालांकि, यह चुनौती जल्द ही अप्रत्याशित मोड़ ले लेती है।

युवा कुरु राजकुमारों को एकजुट करने का अवसर देखते हुए द्रोणाचार्य उन्हें ऐसा कार्य सौंपते हैं, जिसमें पांडव और कौरव दो अलग-अलग समूहों के बजाय एक ही कुरु वंश के रूप में काम करें। चुनौती शुरू होते ही पुरानी भिन्नताएँ और प्रतिस्पर्धा उनके सामने आ जाती हैं, जिससे उनके लिए आपसी प्रतिद्वंद्विता भुलाकर एक साथ काम करना मुश्किल हो जाता है।

इसी बीच अचानक एक मगरमच्छ द्रोणाचार्य पर हमला कर देता है। अर्जुन (उर्वा सावालिया) अपने गुरु को बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई करता है। उसकी वीरता द्रोणाचार्य को प्रभावित करती है, लेकिन यह घटना अश्वत्थामा (धवल त्रिपाठी) को आहत कर देती है। उसे एक बार फिर अर्जुन को प्रशंसा मिलती दिखाई देती है।

गंगा नदी के किनारे असली खतरा अब भी मौजूद है। ऐसे में युवा पांडवों और कौरवों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मगरमच्छ का सामना करने के साथ-साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता पीछे छोड़कर एकजुट होकर खड़े होने की है।

गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे जितेन लालवानी ने कहा, “द्रोणाचार्य जानते हैं कि पांडव और कौरवों के बीच भिन्नताएँ हो सकती हैं, लेकिन अंततः वे सभी एक ही कुरु वंश का हिस्सा हैं। वे चाहते हैं कि वे समझें कि हमेशा एक-दूसरे से लड़ना संभव नहीं है और जब कोई बड़ी चुनौती सामने हो, तो उन्हें साथ खड़ा होना सीखना चाहिए। यह कार्य उन्हें एकता, विश्वास और एक टीम के रूप में काम करने का महत्व सिखाने का उनका तरीका है। द्रोणाचार्य के लिए यह केवल एक कार्य पूरा करने की बात नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास भी है। जीवन आपको ऐसे हालात में डालता है, जहाँ आप हमेशा किसी का साथ नहीं निभा पाते, लेकिन आपको चरम परिस्थितियों में भी साथ मिलकर काम करना सीखना पड़ता है।”

सोनी सब पर ‘हस्तिनापुर के वीर’ सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे देखा जा सकता है।

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