बूंग ने साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल में जीते दो बड़े अवॉर्ड, बेस्ट फीचर फिल्म बनी
‘बूंग’ ने वॉशिंगटन डीसी के साउथ एशियन फिल्म, लिटरेरी एंड कल्चरल फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड जीता। गुगुन किपगेन को बेस्ट यंग टैलेंट पुरस्कार मिला, जबकि फिल्म का अंतरराष्ट्रीय सफर जारी है।
तस्वीर में मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ के पोस्टर पर बाल कलाकार गुगुन किपगेन हाथ उठाकर जीत का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं, जिसमें फिल्म के वॉशिंगटन डीसी फिल्म फेस्टिवल में दो अवॉर्ड जीतने की घोषणा की गई है।
एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स की फिल्म ‘बूंग’ ने वॉशिंगटन डीसी में आयोजित साउथ एशियन फिल्म, लिटरेरी एंड कल्चरल फेस्टिवल में दो बड़े अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। फिल्म को ‘बेस्ट फीचर फिल्म’ का अवॉर्ड मिला, जबकि गुगुन किपगेन को ‘बेस्ट यंग टैलेंट’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
‘बूंग’ की टीम के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि फिल्म को सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज किए जाने के बाद दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला और यह सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मणिपुरी फिल्म बन गई। फिल्म ने देखते ही देखते एक करोड़ रुपये की कमाई दर्ज कर इतिहास रचा।
एक्सेल एंटरटेनमेंट ने सोशल मीडिया पर ‘बूंग’ की टीम को साउथ एशियन फिल्म, लिटरेरी एंड कल्चरल फेस्टिवल में मिली दोनों जीत के लिए बधाई दी। पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, “‘बूंग’ ने @dcsaaci में बेस्ट फीचर फिल्म और बेस्ट यंग टैलेंट का अवॉर्ड जीतकर दोहरी जीत हासिल की है। #Boong टीम को बधाई।”
पोस्ट में @lp_devi, @gugun_kipgen_official, @balahijam, ritesh_sid, @faroutakhtar, @amcalexx, @shujaatsaudagar, @vikeshbhutani, @kassimjagmagia, @vishalrr, @chalkboardentertainment, @excelmovies, @suitablepictures और @aafilms.official को भी टैग किया गया। पोस्ट के साथ #DCSouthAsianFilmFestival हैशटैग का इस्तेमाल किया गया।
अपने सफर को आगे बढ़ाते हुए ‘बूंग’ ने ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भी इतिहास रचा और BAFTA अवॉर्ड जीतने वाली पहली इंडियन फिल्म बन गई। यह उपलब्धि मणिपुरी सिनेमा के लिए भी खास रही। फिल्म की इस जीत ने भारतीय फिल्म उद्योग में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली कहानियों की विविधता और समृद्धि को सामने रखा।
फिल्म को लक्ष्मीप्रिया देवी ने लिखा और निर्देशित किया है। ‘बूंग’ का पहला प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके बाद फिल्म वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, एडिलेड फिल्म फेस्टिवल और टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल समेत कई फिल्म समारोहों में प्रदर्शित हुई। इन आयोजनों के साथ फिल्म की संवेदनशील और भावनात्मक कहानी की पहचान मजबूत होती गई।
मणिपुरी पृष्ठभूमि पर आधारित ‘बूंग’ में गुगुन किपगेन ने एक युवा लड़के की भूमिका निभाई है। कहानी में वह अपने बिखर चुके परिवार को फिर से एक साथ लाने की कोशिश करता है। बूंग को उसकी मां मंदाकिनी ने अकेले पाला है, जिसका किरदार बाला हिजाम निंगथौजम ने निभाया है।
अपने परिवार को फिर से साथ लाने के लिए बूंग अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ अपने खो चुके पिता की तलाश में निकलता है। यह सफर उम्मीद, हिम्मत और मां-बच्चे के रिश्ते जैसे अहम विषयों को सामने लाता है। फिल्म की कहानी परिवार, रिश्तों और बिछड़ने के बाद फिर से जुड़ने की कोशिश को केंद्र में रखती है। साउथ एशियन फिल्म, लिटरेरी एंड कल्चरल फेस्टिवल में मिले दो अवॉर्ड ‘बूंग’ के अंतरराष्ट्रीय सफर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आए हैं।