तस्वीर में दिख रहे अभिनेता जिशु सेनगुप्ता और अभिनेत्री सोहिनी सरकार एक साथ खड़े हैं।

‘बोहरूपी- द गोल्डन डाकू’ की हाई-ऑक्टेन दुनिया के बीच अब प्यार, जज़्बात और संगीत की एक अलग परत सामने आई है। फिल्म का नया गाना ‘भूलते पारबे ना’ रिलीज़ हो चुका है, जो कहानी में एक खूबसूरत रोमांटिक ठहराव लेकर आता है।

प्यार और भावनाओं से सजे इस मधुर गीत में जिशु सेनगुप्ता हारमोनियम बजाते नजर आते हैं। उनकी यह मौजूदगी गाने को गर्मजोशी और आत्मीयता का एहसास देती है। सादगी भरी रोमांटिक भावनाओं के साथ जिशु की मौजूदगी फिल्म की एक्शन से भरपूर दुनिया के पीछे छिपे कोमल जज़्बातों की झलक भी पेश करती है।

जिशु सेनगुप्ता ने कहा, “भूलते पारबे ना मेरे दिल के बेहद करीब है, क्योंकि यह ‘बोहरूपी- द गोल्डन डाकू’ की दुनिया का एक बिल्कुल अलग पहलू सामने लाता है। यह एक खूबसूरत रोमांटिक मेलोडी है और अरमान की आवाज़, अनुपम के संगीत और बोलों ने इसके जज़्बात को बेहद खूबसूरती से उभारा है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक फिल्म के इस शांत और रोमांटिक पक्ष को भी उतना ही पसंद करेंगे, जितना हमें इसे बनाने में मज़ा आया।”

सोहिनी सरकार ने कहा, “भूलते पारबे ना ‘बोहरूपी- द गोल्डन डाकू’ के एक बेहद कोमल और भावुक पक्ष को खूबसूरती से सामने लाता है। इस गाने में एक बेहद निजी और आत्मीय एहसास है और मुझे लगता है कि यह झिमली और उसकी यात्रा में एक खूबसूरत नया आयाम जोड़ता है। इस गाने का हिस्सा बनना और फिल्म के इस खास पल को जीना मेरे लिए बेहद खास रहा। उम्मीद है कि दर्शक भी इसके जज़्बात और संगीत से उतना ही जुड़ेंगे, जितना हम जुड़े।”

नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी ने संयुक्त रूप से कहा, “बोहरूपी- द गोल्डन डाकू के साथ हमारा उद्देश्य एक ऐसी दुनिया बनाना था, जिसमें एक्शन, सस्पेंस और भव्यता के साथ गहरे मानवीय जज़्बात भी केंद्र में हों। ‘भूलते पारबे ना’ फिल्म की इसी भावनात्मक और रोमांटिक परत को सामने लाता है। जिशु दा का हारमोनियम बजाना गाने को एक खूबसूरत आत्मीयता देता है, वहीं अनुपम रॉय का संगीत और लेखन और अरमान की आवाज़ मिलकर एक परफेक्ट माहौल तैयार करते हैं। हमारे लिए यह ज़रूरी था कि फिल्म की कहानी में रोमांस स्वाभाविक लगे और हमें लगता है कि यह गाना उस एहसास को खूबसूरती से पेश करता है।”

फिल्म में जिशु सेनगुप्ता, शिबोप्रसाद मुखर्जी, कौशानी मुखर्जी, सोहिनी सरकार और प्रदीप भट्टाचार्य अहम् भूमिकाओं में हैं। शमिक चक्रवर्ती के अरेंजमेंट और प्रोग्रामिंग से सजा ‘भूलते पारबे ना’, फिल्म की दुर्गा पूजा 2026 रिलीज़ से पहले दर्शकों के मूड में एक खूबसूरत बदलाव लेकर आया है।

एक्शन, भव्यता और सस्पेंस से दर्शकों को रोमांचित करने के बाद ‘बोहरूपी- द गोल्डन डाकू’ अब संगीत और रोमांस की ओर भी रुख कर रहा है। ‘भूलते पारबे ना’ के जरिए फिल्म की कहानी का एक भावनात्मक और रोमांटिक पक्ष सामने आया है, जो दिखाता है कि इस पूजा, गोल्डन डाकू के कई रंग अभी सामने आने बाकी हैं।