तस्वीर में बाएं से दाएं निर्देशक आकाश कौशिक और फिल्म से जुड़े संदर्भ में नजर आ रहे हैं, जिन्होंने 'उड़ता तीर' की 'धुरंधर' से तुलना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘उड़ता तीर’ की तुलना आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ से किए जाने पर निर्देशक आकाश कौशिक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दोनों फिल्मों की कहानी जासूसी की पृष्ठभूमि पर आधारित है, लेकिन उनके कथानक में बड़ा अंतर है। सोशल मीडिया पर ‘उड़ता तीर’ को ‘धुरंधर’ का उल्टा संस्करण यानी ‘रिवर्स धुरंधर’ कहा जा रहा है। इस तुलना पर आकाश कौशिक ने कहा कि वह इसे इस नजरिए से कभी नहीं देखते थे, क्योंकि दोनों फिल्मों की कहानियों पर काम शुरू होने के समय से ही उन्हें इस समानता की जानकारी थी।

इंडिया टुडे से बातचीत में आकाश कौशिक ने बताया कि आदित्य धर उनके बेहद करीबी दोस्त हैं और वह उन्हें अपने भाई की तरह मानते हैं। दोनों लगभग एक ही समय में अपनी-अपनी फिल्मों की पटकथा लिख रहे थे। कौशिक ने बताया कि वह आदित्य के साथ मजाक भी किया करते थे। उन्होंने कहा, “मैं उनसे मजाक में कहता था कि तुम्हारा किरदार यहां से वहां जा रहा है और मेरा किरदार वहां से यहां आ रहा है।” उनके मुताबिक, दोनों फिल्मों की तुलना उस समय से ही मौजूद थी।

हालांकि, आकाश कौशिक ‘उड़ता तीर’ को ‘धुरंधर’ का उल्टा संस्करण मानने से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं। मैं समझता हूं कि लोग यह तुलना क्यों कर रहे हैं, लेकिन मैंने इसे कभी उस तरह नहीं देखा। जैसा कि मैंने कहा, मुझे शुरुआत से ही इसके बारे में पता था, इसलिए मैंने इसे कभी उस नजरिए से नहीं देखा।”

दोनों फिल्मों की कहानियों में जासूसी का पहलू जरूर है, लेकिन उनकी दिशा अलग है। ‘धुरंधर’ में पाकिस्तान में मौजूद एक भारतीय जासूस की कहानी दिखाई गई है, जबकि ‘उड़ता तीर’ एक पाकिस्तानी किरदार की कहानी है, जो भारत आता है। फिल्म में आयुष्मान खुराना एक ऐसे पाकिस्तानी किरदार की भूमिका में हैं, जो अपनी याददाश्त खोने के बाद भारत के प्रति समर्थन जताने लगता है। फिल्म को जासूसी और हास्य के मेल के रूप में पेश किया गया है।

आकाश कौशिक ने फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं और ‘रिवर्स धुरंधर’ कहे जाने पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि वह इसे किसी दूसरी फिल्म की नकल या उसका उल्टा रूप नहीं मानते। दोनों निर्देशकों को एक-दूसरे की फिल्मों के बारे में शुरुआती दौर से जानकारी थी और वे एक-दूसरे के काम को लेकर उत्साहित भी थे।

‘उड़ता तीर’ को सिनेमाघरों तक पहुंचने में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फिल्म की रिलीज में कई बार देरी हुई। अभिनेता मुकुल देव के असामयिक निधन के बाद भी फिल्म की रिलीज प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके अलावा, फिल्म में बड़े स्तर पर किए गए दृश्य प्रभावों यानी वीएफएक्स के काम में भी अपेक्षा से अधिक समय लगा।

रिलीज में हुई देरी पर आकाश कौशिक ने कहा, “यह निश्चित रूप से निराशाजनक था, लेकिन इन देरी के लिए कोई जिम्मेदार नहीं था। आप किसी को दोष नहीं दे सकते। यह परिस्थितियों का हिस्सा है और आपको इनके साथ जीना सीखना पड़ता है।”

फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बात करें तो सैकनिल्क के अनुसार, ‘उड़ता तीर’ ने अब तक भारत में 40.28 करोड़ रुपये और विदेशी बॉक्स ऑफिस पर 9.75 करोड़ रुपये की कमाई की है। आदित्य धर और आकाश कौशिक की दोस्ती, दोनों फिल्मों की अलग-अलग कहानी और रिलीज के दौरान आई चुनौतियों के बीच ‘उड़ता तीर’ की ‘धुरंधर’ से तुलना चर्चा का विषय बनी हुई है।