मोतिहारी HRMS वेतन घोटाला: दो फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर मदरसा शिक्षक और ऑपरेटर की गिरफ्तारी के लिए आधिकारिक पोस्टर जारी किया गया है।
तस्वीर में मोतिहारी HRMS वेतन घोटाले के आरोपी नजर आ रहे हैं, जिन पर इनाम घोषित हुआ है।
बिहार के मोतिहारी शिक्षा विभाग में HRMS वेतन भुगतान घोटाले के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने नगर थाना कांड संख्या 1054/26 में प्राथमिकी अभियुक्त बनाए गए दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। मोतिहारी पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक पोस्टर जारी किया।
पुलिस की ओर से जारी पोस्टर के अनुसार, इनाम घोषित किए गए आरोपियों में मोः इमादुदीन शाबिर, पिता मोः जलालुदिन शाबिर, निवासी सिसहनी, थाना कुंडवाचैनपुर और अमन कुमार, पिता सत्यनारायण प्रसाद, निवासी नया मोहल्ला, छतौनी बाजार, थाना छतौनी शामिल हैं। दोनों आरोपी पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को दोनों आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित इनाम की राशि दी जाएगी और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आरोपियों के संबंध में जानकारी मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक के मोबाइल नंबर 9031827100 पर दी जा सकती है।
यह मामला शिक्षा विभाग की मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के माध्यम से सरकारी वेतन राशि की कथित अवैध निकासी से जुड़ा है। विभागीय जांच में जून 2024 से सितंबर 2026 के बीच कुल 60,57,158 रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया था। जांच के अनुसार, सरकारी वेतन भुगतान प्रणाली में कथित छेड़छाड़ कर राशि आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
इस मामले में मदरसा शिक्षक मोः इमादुदीन शाबिर और HRMS ऑपरेटर अमन कुमार के खिलाफ मोतिहारी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस अब HRMS प्रणाली के इस्तेमाल, संदिग्ध भुगतान, संबंधित बैंक खातों और मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
दोनों आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। अब मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित सरकारी राशि की अवैध निकासी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पर कार्रवाई केंद्रित है।