CBSE New Curriculum: 9वीं-10वीं के पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव, 3 विषय हटे
बोर्ड ने 2028 की 10वीं परीक्षा के लिए नई अध्ययन योजना जारी की है, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य और तीन विषयों को बाहर किया गया है।
तस्वीर में दिख रही छात्राएं सीबीएसई के नए पाठ्यक्रम और 2028 की बोर्ड परीक्षा के बदलावों के तहत पढ़ाई कर रही हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के पाठ्यक्रम को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की संशोधित अध्ययन योजना के तहत तीन विषयों को पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया गया है। इस फैसले का सीधा असर 2028 में होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को अब पांच मुख्य विषयों पर विशेष ध्यान देना होगा, जबकि व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है।
सीबीएसई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर 29 अक्टूबर को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है। इसमें विद्यार्थियों को नए विषयों, अध्ययन योजना और बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। यह संशोधित व्यवस्था उन विद्यार्थियों पर लागू होगी, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ रहे हैं और 2027-28 में कक्षा 10वीं में प्रवेश करेंगे। हालांकि, 2026-27 में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे मौजूदा विद्यार्थियों के लिए पुरानी अध्ययन योजना ही जारी रहेगी।
संशोधित अध्ययन योजना के तहत सीबीएसई ने 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी' (Individuals in Society), 'कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (Computational Thinking and Artificial Intelligence) तथा पर्यावरण शिक्षा को पाठ्यक्रम से हटा दिया है। ये तीनों विषय अब संबंधित विद्यार्थियों के कक्षा 10वीं के पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे। इसके विपरीत व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को अनिवार्य विषय बना दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को कुल नौ विषयों की पढ़ाई करनी होगी। इनमें तीन भाषाएं R1, R2 और R3, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण (Physical Education and Well-being) तथा व्यावसायिक शिक्षा शामिल हैं। पांच मुख्य विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्धारित योजना में वैकल्पिक कौशल विषयों (Skill Subjects) के साथ एडवांस्ड-लेवल गणित और विज्ञान को भी शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थी सीबीएसई की 57 विषयों की सूची में से एक वैकल्पिक विषय चुन सकेंगे। इस सूची में विभिन्न भाषाओं के अलावा कंप्यूटर एप्लीकेशन, होम साइंस, पेंटिंग, म्यूजिक और बिजनेस से जुड़े विषय शामिल हैं। यदि कोई विद्यार्थी वैकल्पिक विषय के रूप में भाषा का चयन करता है, तो वह पहले से चुनी गई तीन भाषाओं से अलग होनी चाहिए।
विद्यार्थियों को 'एडवांस्ड गणित', 'एडवांस्ड विज्ञान' अथवा 22 व्यावसायिक कौशल विषयों में से किसी एक का चयन करने का विकल्प भी मिलेगा। विद्यार्थी जिस विषय का चयन करेंगे, उसी के आधार पर उनकी परीक्षा और मूल्यांकन की व्यवस्था निर्धारित होगी।
बोर्ड परीक्षा के लिए पांच अनिवार्य विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें R1, R2, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। यदि कोई विद्यार्थी अतिरिक्त विषय चुनता है, तो संबंधित विषय के आधार पर उसे उसकी बोर्ड परीक्षा भी देनी पड़ सकती है। वहीं, तीसरी भाषा R3, कला शिक्षा (Art Education) और शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण (Physical Education and Well-being) का मूल्यांकन आंतरिक रूप से किया जाएगा।
कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा के मामले में स्कूल विद्यार्थियों को अंकों के बजाय ग्रेड प्रदान करेंगे। जिन विद्यार्थियों को 'D' या उससे बेहतर ग्रेड मिलेगा, उन्हें स्कूल की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
सीबीएसई ने नई अध्ययन योजना के माध्यम से 2028 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए विषयों और मूल्यांकन की व्यवस्था में बदलाव किया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे नए नियमों, विषय चयन और परीक्षा संबंधी प्रावधानों की पूरी जानकारी के लिए बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक सर्कुलर को ध्यानपूर्वक पढ़ें।