किसान आत्महत्या: कर्ज से परेशान 55 वर्षीय किसान ने खेत में लगाई फांसी
कोंढावाळ के किसान राजेंद्र खोंडे ने कर्ज के बोझ से तंग आकर खेत में फांसी लगाई। तहसीलदार ने परिवार से मिलकर सरकारी सहायता का भरोसा दिया।
तहसीलदार संभाजी पाटील ने कोंढावाळ में मृतक किसान राजेंद्र खोंडे के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
कर्ज के बोझ से परेशान होकर कोंढावाळ के 55 वर्षीय किसान राजेंद्र देवचंद खोंडे ने 14 अक्टूबर को अपने खेत में नींबू के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। किसान की मौत के बाद तहसीलदार संभाजी पाटील ने उनके घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक एवं प्रशासनिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तालुका के कोंढावाळ निवासी किसान राजेंद्र देवचंद खोंडे (उम्र 55 वर्ष) कर्जबाजारीपन से परेशान थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने 14 अक्टूबर को अपने ही खेत में नींबू के पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। किसान की आत्महत्या की खबर से इलाके में शोक की लहर है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार संभाजी पाटील ने तत्काल मृतक किसान के निवास पर पहुंचकर खोंडे परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने कहा, “इस दुख की घड़ी में शासन खोंडे परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। नियमानुसार शासन की ओर से उचित आर्थिक और प्रशासनिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।”
तहसीलदार ने परिवार को शासन की ओर से हर संभव नियमानुसार मदद दिलाने का भरोसा दिया। इस मौके पर उपसरपंच प्रतिनिधि तथा गुटनेता विनोद अहिरे, मृतक किसान के बड़े बेटे सागर खोंडे, छोटे बेटे किरण खोंडे, भाई छोटू खोंडे, भाई गोपाल खोंडे, पत्नी भिकूबाई खोंडे, भतीजे समाधान खोंडे सहित अन्य रिश्तेदार और ग्रामीण उपस्थित थे।
किसान राजेंद्र देवचंद खोंडे की आत्महत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में तहसील प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।