मूड़िया पूर्णिमा मेले में बोराज वालों की प्याऊ बनी सेवा का केंद्र, 26 वर्षों से श्रद्धालुओं को शुद्ध देसी घी का प्रसाद
डीग के पूंछरी के लोठा स्थित मूड़िया पूर्णिमा गोवर्धन जी मेले में बोराज भुसावर वालों की प्याऊ ने लगातार 26वें वर्ष श्रद्धालुओं की सेवा की। शुद्ध देसी घी के प्रसाद, आधुनिक रोटी मशीनों, शुद्ध जल व्यवस्था और दिन-रात चल रही सेवा ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
तस्वीर में डीग के गोवर्धन मेले में बोराज भुसावर वालों की प्याऊ पर सेवा कार्य करते हुए लोग और भोजन ग्रहण करते श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
डीग, 31 जुलाई। पूंछरी के लोठा स्थित मूड़िया पूर्णिमा गोवर्धन जी के मेले में बोराज भुसावर वालों की प्याऊ पिछले 26 वर्षों से लगातार श्रद्धालुओं की सेवा का केंद्र बनी हुई है। पूर्व जिला परिषद सदस्य जगदीश बोराज और सरपंच प्रशासक भाग्यश्री ने बताया कि यहां श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देसी घी से बनी जलेबी, लड्डू, जीरा चावल, कढ़ी, दाल के पकौड़े, चाय और दाल-रोटी की व्यवस्था की गई।
पूरे परिक्रमा क्षेत्र में रोटियां बनाने के लिए दो आधुनिक मशीनें लगाई गई थीं, जिनसे पलक झपकते ही गर्मागर्म रोटियां तैयार होकर बाहर आ रही थीं। श्रद्धालुओं को इन रोटियों पर शुद्ध देसी घी लगाकर परोसा गया। उन्होंने बताया कि सात कोस की ब्रज परिक्रमा में कहीं भी शुद्ध देसी घी की ऐसी व्यवस्था और शुद्धता देखने को नहीं मिली, जैसी राधा कृष्ण मित्र मंडली की बोराज वालों की प्याऊ पर देखने को मिली।
सुबह के नाश्ते में कढ़ी-कचौरी, पोहे, चाय, दाल-बाटी-चूरमा तथा कढ़ी की प्रसादी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे भी शुद्ध देसी घी से तैयार कर श्रद्धालुओं को परोसा गया।
सरपंच भाग्यश्री एवं उनके समर्थक दिन-रात परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। वहीं शुद्ध जल की व्यवस्था की जिम्मेदारी जय सिंह ठेकेदार की देखरेख में रही। इसके लिए 25 से 30 किलोमीटर दूर से टैंकरों के माध्यम से पानी मंगाया जा रहा था।
गिर्राज महाराज के जयकारों के बीच जिला परिषद सदस्य जगदीश बोराज, हरवीर सिंह भंडारी, केपी चौधरी, सुनील मीणा, देबो, गौरीलाल, चंदर, सोहनलाल मीणा और रामचंद्र मीणा दिन-रात परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे। वहीं गांव की महिलाएं और पुरुष भी सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर शामिल रहे।