गुरु पूर्णिमा पर पूंछरी पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गुरु वंदन निभाकर संत-महंतों का किया सम्मान
गुरु मुड़िया पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पूंछरी पहुंचे, गुरु वंदन निभाया, संत-महंतों का सम्मान किया और श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर जनकल्याण की कामना की।
डीग के पूंछरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तस्वीर में दाहिने ओर खड़े मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक संत को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
गुरु मुड़िया पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को डीग जिले के पूंछरी पहुंचे और वर्षों पुरानी गुरु वंदन की परंपरा का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया। श्रीनाथजी मंदिर परिसर में आयोजित भव्य गुरु वंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संत-महंतों एवं गुरुओं का शॉल-दुपट्टा ओढ़ाकर तथा श्रीफल भेंट कर सम्मान-अभिनंदन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम को भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा की महान विरासत का प्रतीक बताते हुए संत समाज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूंछरी में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी के साथ भगवान श्रीनाथजी एवं परिक्रमा मार्ग स्थित मुकुट मुखारविंद का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत से अभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना करते हुए सभी प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सेवा भाव का परिचय देते हुए संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं को अपने हाथों से भोजन प्रसादी भी परोसी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूंछरी का लौठा पहुंचकर गुरु वंदन की परंपरा निभाते रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने उसी श्रद्धा, आस्था और समर्पण के साथ संत समाज का अभिनंदन किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र के जतीपुरा स्थित श्री वन बिहारी जी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्री अष्ट सखा गोविंद स्वामी जी की बैठक, अष्ट द्वार तथा ऐतिहासिक ऐरावत कुंड का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को मंदिर परिसर, बैठक स्थल तथा ऐरावत कुंड के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं समुचित संरक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने श्रीनाथजी मंदिर में सपत्नीक मंगला दर्शन कर प्रदेश की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
श्रीनाथजी मंदिर के रस मंडप में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम तथा विधायक डॉ. शैलेष सिंह ने दाऊजी मंदिर के महंत बृज बिहारी शरण उर्फ विजय बाबा, श्रीनाथजी मंदिर के महंत चंदू मुखिया, दाऊ मुखिया, मनोहर लाल ब्रह्मचारी, कन्हैयालाल, जतीपुरा के रमेश मुखिया, ब्रह्मचारी बाबा, शिवराम दास आदि बद्री, बृजेश कुमार, मदन मोहन, हरिवोल बाबा, पं. मुरारी लाल पाराशर, पं. हर गोविन्द प्रसाद, पंडित राम मुखिया सहित अन्य महंतों और गुरुओं का सम्मान किया।
कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक डॉ. शैलेश सिंह, जिला कलेक्टर मयंक मनीष, जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ, एडीएम राजकुमार कस्वा, अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महंत तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और सेवा संस्कृति का अनुपम संदेश दिया।