अमृतसर में नशे और हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार
कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपियों से 11 पिस्टल और 2.293 किलो हेरोइन बरामद की; विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं तार।
अमृतसर पुलिस ने तस्करी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई कर बरामद हथियार और नशीले पदार्थ प्रदर्शित किए।
अमृतसर में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और 2.293 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के विदेश में बैठे हैंडलर्स से संपर्क होने का खुलासा हुआ है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विदेश में सक्रिय हैंडलर्स के संपर्क में थे। ये हैंडलर्स आरोपियों को अवैध हथियारों की आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद करते थे। इन हथियारों को आगे आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में थाना छेहरटा और थाना ए-डिवीजन में तीन एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस अब तस्करी नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है, ताकि हथियारों और हेरोइन की आपूर्ति में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अवैध हथियार और नशीले पदार्थ इस नेटवर्क के जरिए कहां से लाए जा रहे थे और आगे किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। इसके साथ ही नेटवर्क के अन्य संपर्कों और संभावित आपराधिक गतिविधियों से उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है।
अमृतसर में हुई इस कार्रवाई में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 11 पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और 2.293 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी ने तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है। फिलहाल, पुलिस विदेशी हैंडलर्स से लेकर स्थानीय संपर्कों तक पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।