पूज्या यशकंवर महाराज सा की 11वीं पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय सेवा कार्यक्रम
साध्वी यशकंवर महाराज सा की स्मृति में गौसेवा, चिकित्सालय में भोजन वितरण और विकलांग बच्चों की सहायता जैसे विभिन्न सेवा कार्यों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्थित विकलांग सेवा संस्थान में पूज्या यशकंवर महाराज सा की पुण्यतिथि पर बच्चों को भोजन कराते श्रावक-श्राविकाएं और उपस्थित गणमान्य जन।
साध्वी शिरोमणि, शासन ज्योति, भारत कोकिला मेवाड़ सिंहनी पूज्या गुरुणी मैया यशकंवर महाराज सा की ग्यारहवीं पुण्यतिथि पर आयोजित तीन दिवसीय सेवा कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के तहत तीन दिनों तक विभिन्न स्थानों पर सेवा गतिविधियों का आयोजन कर मानवता और करुणा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिन नंदनी गोशाला, लालजी का खेड़ा में गौमाता को गुड़ व हरी घास खिलाकर सेवा कार्य की शुरुआत की गई। दूसरे दिन सांवलियाजी चिकित्सालय में 90 मरीजों को भोजन करवाकर उनकी सेवा की गई। वहीं तीसरे दिन गुरूवार को सांवलियाजी बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान रामदेव जी का चंदेरिया में नेत्रहीन, दृष्टिहीन, विमंदित एवं शारीरिक रूप से विकलांग लगभग 60 बच्चों को भोजन कराया गया।
इस सेवा कार्यक्रम में वीरेंद्र पगारिया, निर्मला कर्णावट, पद्मा पगारिया, रेखा डांगी, विमला पगारिया, निर्मला कोठारी, रचना सिंघवी, अंतिमबाला पोखरना, कमला कर्णावत, लक्षिता कर्णावत, अंगूरबाला भडक्तिया, मीना चपलोत, शांता बड़ाला, सरोजनाहर, दिलखुश खेरोदिया, कालूलाल सिंघवी, पदम पोखरना, रतनलाल कर्णावत, रतनलाल बोहरा, मनीष पोखरना, महावीर सेठिया, दिनेश पगारिया, राजेश पगारिया, प्रदीप डांगी, विनोद डांगी सहित अनेक श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय यह सेवा कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा, सहानुभूति और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने का सशक्त संदेश भी दे गया।