चित्तौड़गढ़ में विहिप मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी का शक्ति संचलन, सजीव झांकियों ने खींचा ध्यान
दुर्गाष्टमी के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में विश्व हिन्दू परिषद और दुर्गावाहिनी द्वारा भव्य शक्ति संचलन निकाला गया, जिसमें आत्मरक्षा का संदेश दिया गया।
तस्वीर में दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ता चित्तौड़गढ़ में दुर्गाष्टमी के अवसर पर आयोजित शक्ति संचलन के दौरान हाथों में तलवार और भगवा ध्वज लेकर मार्च करती नजर आ रही हैं।
चित्तौड़गढ़। दुर्गाष्टमी के अवसर पर चित्तौड़गढ़ शहर में विश्व हिन्दू परिषद, मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की ओर से धर्मसभा के बाद शक्ति संचलन निकाला गया। शहर स्थित गणगौर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में ध्वज प्रणाम, प्रार्थना, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ निर्धारित आचार पद्धति के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद आयोजित धर्मसभा में दुर्गावाहिनी के उद्देश्य, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और संगठन की गतिविधियों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। शक्ति संचलन में नवदुर्गा, भारत माता और महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम के मंच पर दुर्गावाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका एवं विहिप की केंद्रीय सहमंत्री प्रज्ञा महाला, राजस्थान की क्षेत्रीय संयोजिका लता पंड्या, जिला उपाध्यक्ष मंजुलता शर्मा, मातृशक्ति की जिला संयोजिका शिवानी साहू और नगर उपाध्यक्ष राधा काबरा उपस्थित रहीं। लता पंड्या ने प्रस्तावना रखते हुए बताया कि मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की स्थापना वर्ष 1991 में शारदीय नवरात्रि की दुर्गाष्टमी को हुई थी। साध्वी ऋतंवरा इसकी प्रथम संस्थापक संयोजिका रहीं। उन्होंने बताया कि दुर्गावाहिनी ‘सेवा, सुरक्षा, संस्कार’ के ध्येय वाक्य के साथ कार्य करती है। संगठन में बहनों को शास्त्र के साथ शस्त्र और आत्मरक्षा के गुणों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुख्य वक्ता दुर्गावाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका प्रज्ञा महाला ने अपने संबोधन में मैकाले शिक्षा पद्धति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण बच्चों को संस्कार नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष कृतज्ञता प्रकट करने वाला देश है। उनके वक्तव्य में देवी-देवताओं और मातृशक्ति के अपमान, देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और सोशल मीडिया पर सामग्री के दुरुपयोग का भी उल्लेख हुआ। उन्होंने कहा कि विधर्मियों द्वारा देवी-देवताओं और मातृशक्ति का अपमान चरम पर है। उनके अनुसार, विधर्मी देश की सुरक्षा को नजरअंदाज कर हर बात पर इस्तीफा मांगते हैं और सोशल मीडिया पर कंटेंट डालने का भी दुरुपयोग हो रहा है।
प्रज्ञा महाला ने बहनों से डांस क्लास की जगह जूडो और कराटे सीखने का आग्रह किया। उन्होंने विधर्मियों के षड्यंत्र को चकनाचूर करने के लिए दुर्गावाहिनी वर्ग में प्रशिक्षण लेकर शिक्षा प्राप्त करने की अपील भी की।
कार्यक्रम में विहिप के प्रांत संगठन मंत्री नितिन भारत, प्रांत सहमंत्री किशन गुर्जर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक हरिशंकर, जिला प्रचारक मयंक, विहिप की प्रांत विमर्श टोली से लक्ष्मी जोशी, प्रांत प्रचार प्रमुख अनिल चतुर्वेदी, धर्म प्रसार प्रमुख मुकेश नाहटा, जिलाध्यक्ष किशन पिछोलिया, चंद्रशेखर सोनी, सुशील शर्मा, गौरव त्यागी और संजय सिंह शिशोदिया उपस्थित रहे।
इसके अलावा सेविका समिति से वंदना वजरानी, सुशीला लढ्ढा, विमला सेठिया और तारा धाकड़; महिला समन्वय से प्रियंका जैन, जया तोषनीवाल और सुलोचना सांचोरा; पूर्व प्रधान देवेंद्र कंवर, संजू लढ्ढा और रश्मि काबरा भी मौजूद रहीं। महिला सुरक्षा से चंद्रा कंवर, भावना कुमावत, आशा कीर, संतोष सोनी, चंदा वर्मा, जया सरगरा और अनामिका सक्सेना ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
धर्मसभा के बाद शक्ति संचलन गणगौर गार्डन से शुरू हुआ। संचलन महाराणा प्रताप सेतु मार्ग, ईनाणी सिटी सेंटर, राणा सांगा बाजार, सुभाष चौक, गोल प्याऊ, गांधी चौक और मिठाई गली से होते हुए पाडनपोल स्थित सुखवालो को नोहरा पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। संचलन के दौरान नवदुर्गा, भारत माता और महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों ने पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन अंजलि सेन ने किया। आचार पद्धति की जिम्मेदारी पूर्वा साहू ने निभाई, जबकि मंच परिचय आरुषि पांड्या ने करवाया। मंच व्यवस्था सपना कीर, शीला भराडिया और लीना व्यास ने संभाली। अन्य व्यवस्थाओं में प्रीति मीणा, माया गोस्वामी, आरती प्रजापत, कोमल गुप्ता और रिया चौबीसा ने सहयोग किया।
संचलन की अन्य व्यवस्थाओं में अभिनंदन काबरा, योगेश दशोरा, रोहित सिंह, गोपाल छीपा, बालमुकुंद सोमानी, विजय जागेटिया, मोहित अरोड़ा, सुमित हेड़ा, महावीर कीर और अमन गौड़ ने जिम्मेदारी निभाई। अंत में मातृशक्ति की जिला संयोजिका शिवानी साहू ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। धर्मसभा से लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर निकले शक्ति संचलन तक संगठन की गतिविधियों और आत्मरक्षा प्रशिक्षण के संदेश को कार्यक्रम के केंद्र में रखा गया।