न्युवोको का राजस्थान में 46.4 मेगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट के लिए क्लीनमैक्स से करार
न्युवोको ने राजस्थान के भीखमखोर में 46.4 मेगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट के लिए क्लीनमैक्स से साझेदारी की है। प्रोजेक्ट से सालाना 100 एमयू अक्षय बिजली और 1,25,485 टन CO2 उत्सर्जन में कमी की उम्मीद है।
तस्वीर में न्युवोको और क्लीनमैक्स के बीच हुई साझेदारी के दौरान दोनों कंपनियों के अधिकारी हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं।
निम्बाहेड़ा। न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड ने राजस्थान में 46.4 मेगावॉट के विंड-सोलर हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्र के लिए भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यह पहल न्युवोको के सीमेंट संचालन को स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के साथ कंपनी की दीर्घकालिक अक्षय ऊर्जा और डीकार्बोनाइजेशन रणनीति को मजबूत करेगी।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य न्युवोको की बिजली खपत में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाना है, जिससे जीवाश्म ईंधन की खपत और उससे होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके। इस प्रोजेक्ट को राजस्थान के भीखमखोर में स्वतंत्र बिजली उत्पादक क्लीनमैक्स द्वारा विकसित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट में 20 मेगावॉट की पवन ऊर्जा क्षमता और 26.4 मेगावॉट डीसी की सौर ऊर्जा क्षमता शामिल होगी। इसमें 2 मेगावॉट-घंटे का बैटरी ऊर्जा भंडारण तंत्र भी होगा। प्रोजेक्ट से उत्पन्न बिजली राज्य पारेषण उपयोगिता के ओपन एक्सेस नेटवर्क के माध्यम से न्युवोको को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल से सालाना लगभग 1,25,485 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद इससे सालाना लगभग 100 एमयू अक्षय बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है। इससे न्युवोको के दीर्घकालिक ऊर्जा और स्थिरता लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णास्वामी ने कहा कि यह अधिक टिकाऊ और मजबूत संचालन की दिशा में न्युवोको की यात्रा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीनमैक्स के साथ साझेदारी राजस्थान में कंपनी के संचालन में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाएगी, ऊर्जा मिश्रण को मजबूत करेगी, लंबे समय में लागत में बचत करेगी और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिचालन उत्कृष्टता और जिम्मेदार विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं और सुरक्षित, स्मार्ट तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के उसके विजन को भी समर्थन देती हैं।
क्लीनमैक्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कुलदीप जैन ने कहा कि सीमेंट संयंत्र लगातार चलते हैं, इसलिए उन्हें मिलने वाली बिजली दशकों तक भरोसेमंद होनी चाहिए, न कि केवल कुछ वर्षों के लिए। उन्होंने कहा कि विनिर्माण उद्योग स्वच्छ ऊर्जा को अपने मुख्य संचालन और दीर्घकालिक रणनीति का आवश्यक हिस्सा मान रहे हैं।
कुलदीप जैन ने कहा कि न्युवोको के साथ क्लीनमैक्स की साझेदारी इसी बदलाव को दर्शाती है और कंपनी को न्युवोको की डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में मदद करने में खुशी है। उनके अनुसार, यह विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लंबे समय तक लागत की निश्चितता देने के साथ कंपनी के स्वच्छ बिजली की ओर बदलाव को समर्थन देने के लिए तैयार किया गया है।
इस साझेदारी के तहत प्रस्तावित 46.4 मेगावॉट का हाइब्रिड प्रोजेक्ट न्युवोको के राजस्थान स्थित सीमेंट संचालन के लिए अक्षय बिजली की हिस्सेदारी बढ़ाने, पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटाने और उत्सर्जन कम करने की दिशा में कंपनी की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है।