निम्बाहेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान माला पहने अतिथियों के साथ उपस्थित लोग।

निम्बाहेड़ा में सोमवार को भोमट के राजा एवं महान आदिवासी योद्धा पूंजा भील जी की जयंती राष्ट्रीय भील सेना के नेतृत्व में मनाई गई। जयंती समारोह में भील समाज के युवा, वरिष्ठजन, महिलाएं और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में धरियावद विधायक थावरचंद डामोर ने समाज को अपने अधिकारों के लिए जागरूक और एकजुट रहने का संदेश दिया।

जयंती के अवसर पर सुबह नेहरू पार्क स्थित वॉलीबॉल ग्राउंड से रैली निकाली गई। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः वॉलीबॉल ग्राउंड पहुंची। इस दौरान युवाओं ने जय जोहार, जय भील वंश और पूंजा भील अमर रहें जैसे नारों के साथ समाज की एकता और स्वाभिमान का संदेश दिया।

समारोह में धरियावद विधायक थावरचंद डामोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “वोट की ताकत को जानो। लोकतंत्र में वोट ही सबसे बड़ी ताकत है। समाज को अपने अधिकारों और भविष्य के लिए जागरूक होकर एकजुट रहना चाहिए।”

विधायक डामोर ने कहा कि महान योद्धा पूंजा भील का जीवन साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा देता है। युवाओं को उनके इतिहास और योगदान से प्रेरणा लेकर समाज के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय भील सेना के सहसंयोजक सुनील चौहान भील ने की। पदाधिकारियों और समाज के युवाओं ने पूंजा भील के शौर्य, साहस और आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि भोमट के राजा पूंजा भील की जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में शिक्षा, संगठन, अधिकारों और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय भील सेना के तहसील अध्यक्ष की जिम्मेदारी ललित भील मांगरोल को दी गई। कार्यक्रम में संयोजक गोपाल भील आकोड़िया, उदयलाल भील भावलिया, राजुभील कासोद, किशन भील मोहता, प्रकाश भील शाहबाद, पुष्कर भील मोहटा, पुष्कर भील खेराबाद, भेरूलाल भील मेवासा सहित पदाधिकारी, भील समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं और युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

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