फूलों की मालाओं से सुसज्जित श्री निमड़िया भैरव देव की मूर्ति निम्बाहेड़ा मंदिर परिसर में दिखाई दे रही है।

निम्बाहेड़ा में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री निमड़िया भैरव देव (काल भैरव) मंदिर में आयोजित पारंपरिक गादी (चौकी) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सोमवार को बड़ोली रोड स्थित श्री जैन दिवाकर कमल गौशाला के बाहर मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। निम्बाहेड़ा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्री भैरव देव के दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया।

आयोजन के दौरान मंदिर में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। गादीपति पंडित दीपक वैष्णव के सान्निध्य में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। श्रद्धालुओं ने श्री निमड़िया भैरव देव के दरबार में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की कामना की।

पारंपरिक गादी (चौकी) के दौरान मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं में दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। शरद पूर्णिमा पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों की भागीदारी ने श्री निमड़िया भैरव देव के प्रति उनकी अटूट आस्था और विश्वास को प्रदर्शित किया। दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया और श्री भैरव देव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्री निमड़िया भैरव देव का यह पावन धाम क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शरद पूर्णिमा पर आयोजित पारंपरिक गादी ने सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक संस्कृति के प्रति जनमानस की श्रद्धा को और प्रगाढ़ किया। धार्मिक आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

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