तस्वीर में निकुंभ कस्बे के समता भवन के द्वार पर खड़े कुछ लोग नजर आ रहे हैं।

निकुंभ कस्बे में विगत 48 दिनों से लगातार चल रही प्रवचन श्रृंखला में पर्यूषण पर्व के पहले दिवस शासन दीपक निश्चल मुनि ने मानव जीवन में ईश्वर भक्ति, आत्मकल्याण और मुक्ति के मार्ग पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर, राम और कृष्ण रूपी दर्पण में अपनी छवि देखने वाला मानव निश्चित रूप से ईश्वर भक्ति और मुक्ति का मार्ग प्राप्त कर सकता है।

साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष महावीर कुमार मेहता ने बताया कि आसपास के गांवों से आए कई श्रद्धालु श्रावकों की उपस्थिति में मुनिश्री ने कहा कि जीवन में जो संशय ज्ञान को उत्पन्न करता है, वही आत्मा का कल्याण भी करता है। जीवन की विकट परिस्थितियों में सदैव सद्गुरु ही समाधान देता है।

निश्चल मुनि ने कहा कि जिन्होंने मानव जन्म लेकर अभी तक भी भगवान की वाणी पर विश्वास नहीं किया, उनका कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मानव धर्म जिंदा रहा तो हम सब जिंदा रहेंगे। मानव मात्र में आपसी भाईचारा और निश्छल प्रेम ही हमें ईश्वर के दर्शन करवा सकता है।

उन्होंने कहा कि ईश्वर हमेशा धन, दौलत, ताकत और ऐश्वर्य से दूर रहकर सादगी, श्रद्धा, विश्वास और करुणा में निवास करता है। जीव मात्र के प्रति दया के भाव रखकर व्यक्ति का व्यक्तित्व महान बन सकता है।

मुनिश्री ने पर्यूषण पर्व के अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका आशय मानव जीवन में चारों ओर व्याप्त काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह को त्याग कर अपनी आत्मा को पहचानते हुए आत्म भाव को ईश्वर के प्रति समर्पित करना है।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार समता युवा संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार सहलोत ने जताया। पर्यूषण पर्व से संबंधित अतिथि सत्कार, प्रभावना, तप, भक्ति और आराधना से संबंधित जानकारी मंत्री सुरेश कुमार सहलोत ने दी।

Tags: