निकुंभ में आज नवरात्रि स्थापना पर शुरू होगा 10 दिवसीय अखंड रामायण पाठ, दशहरे पर होगा समापन
शारदीय नवरात्रि स्थापना के अवसर पर बड़ी सादड़ी के निकुंभ कस्बे में स्थित आशीर्वाद हनुमान मंदिर में दस दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ।
बड़ी सादड़ी के निकुंभ कस्बे में स्थित श्री आशीर्वाद हनुमान मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर दस दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत बालाजी का अभिषेक और विशेष पूजन अनुष्ठान आयोजित हुआ।
बड़ी सादड़ी के निकुंभ कस्बे में शारदीय नवरात्रि स्थापना के अवसर पर आज बस स्टैंड स्थित श्री आशीर्वाद हनुमान मंदिर में दस दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ होगा। श्री रामचरितमानस के इस अखंड पाठ का आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीराम सत्संग सेवा परिषद की ओर से किया जा रहा है। आयोजन के दौरान दिन-रात लगातार दोहा-चौपाई और उनके मूल अर्थ का वाचन होगा।
श्रीराम सत्संग सेवा परिषद के अध्यक्ष प्रेम सिंह सिसोदिया ने बताया कि रविवार को नवरात्रि स्थापना के दिन प्रातः 11:15 बजे मुख्य पुजारी अशोक दास वैष्णव की देखरेख में धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। सबसे पहले बालाजी का अभिषेक, पोशाक धारण, ध्वजा पूजन और दस दिवसीय अखंड दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। इसके बाद श्री रामचरितमानस की विधिवत पूजा-अर्चना, रामायण की आरती और राम स्तुति वाचन के साथ अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ होगा।
दस दिवसीय आयोजन के दौरान अलग-अलग पाठियों द्वारा प्रत्येक दो घंटे के अंतराल में लगातार दिन-रात रामचरितमानस की दोहा-चौपाइयों और उनके मूल अर्थ का वाचन किया जाएगा। व्यास पीठ पर एक बार में दो पाठी उपस्थित रहकर अखंड रामायण पाठ करेंगे, जिससे पाठ का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
आयोजन का समापन दशहरा पर्व पर हवन-पूजन, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। अखंड रामायण पाठ से पहले मंदिर में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
परिषद की ओर से ग्रामवासियों से आयोजन में पवित्र भाव से समयदान करने का आग्रह किया गया है। आयोजन के व्यवस्था प्रमुख एवं सचिव कैलाश चंद्र गर्ग, प्रभारी भेरूलाल सुथार, किशन लाल लोहार, सागरमल सुथार, प्रहलाद सुथार, रितेश वैष्णव, राजाराम शर्मा, देवीलाल सुथार, चंद्रप्रकाश पालीवाल और नारायण पुरोहित ने आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया है। निकुंभ स्थित श्री आशीर्वाद हनुमान मंदिर में नवरात्रि स्थापना से शुरू होने वाला यह धार्मिक आयोजन दशहरा पर्व तक लगातार जारी रहेगा।