तस्वीर में चित्तौड़गढ़ के पायरी गांव में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि संबंधी प्रशिक्षण देते हुए विशेषज्ञ नजर आ रहे हैं।

चित्तौड़गढ़। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा राज्यपाल स्मार्ट गांव पहल कार्यक्रम के तहत पायरी गांव में कम्प्यूटर साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. सोलंकी ने बताया कि राजस्थान के राज्यपाल ने स्मार्ट गांव विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा एक-एक गांव गोद लेने की पहल की है। इस पहल का उद्देश्य ऐसा आदर्श गांव विकसित करना है, जहां केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाएं प्रभावी रूप से कार्यान्वित हों।

डॉ. आर.एल. सोलंकी ने बताया कि कम्प्यूटर साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को शिक्षा का विकल्प उपलब्ध कराना है, जिन्होंने यह अवसर गंवा दिया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मक्का फसल की ऑन फार्म ट्रायल के अंतर्गत किसानों के खेतों पर फॉल आर्मी वर्म के नियंत्रण के लिए इमाबेक्टिन बेंजाइट का छिड़काव भी कराया गया।

कार्यक्रम सहायक संजय कुमार धाकड़ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। हमारा लक्ष्य लोगों को डिजिटल और आर्थिक रूप से साक्षर बनाना है, ताकि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। उन्होंने शिक्षा के महत्व और मानव जीवन में उसकी उपयोगिता पर चर्चा करते हुए शिक्षित होकर कल्याणकारी समाज की स्थापना में योगदान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में नाबार्ड बाड़ी प्रोजेक्ट के महेश पंवार, विकास चौहान सहित 35 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल साक्षरता के साथ कृषि संबंधी व्यवहारिक जानकारी भी प्रतिभागियों तक पहुंचाई गई।

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