तस्वीर में दिवाकर नगरी डूंगला में आयोजित तपपूर्ति महोत्सव के दौरान मंच पर विराजमान महासतीजी महाराज साहिबा नजर आ रही हैं।

डूंगला, 16 अगस्त। दिवाकर नगरी डूंगला में संथारा विशेषज्ञ, स्पष्टवक्ता, लौह पुरुष पूज्य गुरुदेव श्री धर्ममुनिजी महाराज साहब की सुशिष्या, दिवाकर धर्मशेरणी, प्रवचन प्रभाविका महासती श्री धैर्य प्रभाजी महाराज साहब की सुशिष्या धीर प्रभाजी म सा के 31 उपवास की कठिन तपस्या की पूर्ति के अवसर पर भव्य तपपूर्ति महोत्सव आयोजित किया गया। इस अवसर पर सकल श्रीसंघ ने महासती धीरप्रभाजी महाराज साहब की तपस्या की अनुमोदना करते हुए उन्हें ‘तपरत्ना’ की उपाधि से अलंकृत किया।

महासती धीरप्रभाजी महाराज साहब की कठिन तपस्या की अनुमोदना के लिए इंदौर, जावरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, भादसोड़ा, बोहेड़ा, बांसी, धरियावद, बिलौदा, उदयपुर, समालखा मडी, ब्यावर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, रिंगनोद सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रीसंघ के सदस्य डूंगला पहुंचे।



तपपूर्ति महोत्सव में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव और उत्साह के साथ महासतीजी की 31 उपवास की तपस्या की अनुमोदना की। सकल श्रीसंघ की ओर से उन्हें ‘तपरत्ना’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। संघ महामंत्री श्री कनकमलजी दक ने बताया कि महासतीजी महाराज साहब के तपपूर्ति महोत्सव के उपलक्ष्य में सकल श्रीसंघ की ओर से गौतम प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

कार्यक्रम में तपस्या की अनुमोदना का विशेष क्रम भी रहा। 13 वर्षीय बालिका रिद्धम नलवाया ने 10 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। शोकिन भानावत एवं विभा गाग ने 9-9 उपवास तथा भावना दक ने 7 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। महासतीजी महाराज साहब ने सभी तपस्वियों की तपस्या की अनुमोदना करवाई। साथ ही उपस्थित धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे महासतीजी की 31 उपवास की तपस्या की अनुमोदना में एक-एक तेला कर अपनी भावना अर्पित करें।



पूरे कार्यक्रम के दौरान धर्म, तप और भक्ति का वातावरण रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महासतीजी महाराज साहब की तपस्या की अनुमोदना करते हुए उनके प्रति श्रद्धा एवं मंगलभाव व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन चातुर्मास समिति के मंत्री रमेश चंद्र मेहता ने किया। इस अवसर पर संघ संरक्षक बाबूलाल दानी, संघ अध्यक्ष शांतिलाल मेहता, संघ उपाध्यक्ष धर्मचंद पीतलिया, चातुर्मास समिति अध्यक्ष सुरेश पीतलिया, युवा अध्यक्ष नमन दक, युवा मंत्री धीरज मेहता सहित श्रीसंघ के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सहकारिता मंत्री श्रीमान गौतम जी दक भी कार्यक्रम में पधारने वाले थे, लेकिन व्यस्तता के कारण उपस्थित नहीं हो पाए। हालांकि, उनकी ओर से तपस्वी मा सा की साता पूछी गई और श्रीसंघ को शुभकामनाएं दी गईं।

महासती धीरप्रभाजी महाराज साहब की 31 उपवास की तपस्या की पूर्ति का यह अवसर डूंगला के धार्मिक इतिहास में प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय अवसर बन गया। तप, त्याग और संयम की इस साधना ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्ममार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

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