चित्तौड़गढ़ में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का हुआ समापन
वन विभाग द्वारा आयोजित 11 दिवसीय अभियान के समापन पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की मौजूदगी में लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की शपथ दिलाई गई।
चित्तौड़गढ़ के सेमलपुरा स्थित पौधशाला में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित वंदे गंगा अभियान के समापन समारोह में मंच पर मौजूद अतिथियों और नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली।
चित्तौड़गढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर जिले में वन विभाग द्वारा आयोजित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का विभिन्न जनजागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। 25 मई से प्रारंभ हुए इस व्यापक अभियान के अंतर्गत पूरे चित्तौड़गढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का मुख्य समापन समारोह शुक्रवार को पौधशाला हथनी औदी, सेमलपुरा में अत्यंत उत्साह, उमंग और प्रकृति संरक्षण के दृढ़ संकल्प के साथ आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या उपस्थित रहे।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण तथा जल संवर्धन को लेकर लगातार प्रभावी व दूरगामी कार्य किए जा रहे हैं। विधायक आक्या ने अभियान की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वंदे गंगा अभियान के अंतर्गत नदी-नालों, प्राचीन बावड़ियों एवं विभिन्न जल स्त्रोतों की साफ-सफाई तथा पौधारोपण हेतु गड्ढों की तैयारी सहित अनेक नवाचारपूर्ण कार्य किए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह अभियान भले ही आज समापन की ओर अग्रसर है, लेकिन हमें इसे केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से इस पुनीत कार्य को निरंतर जारी रखना होगा। उन्होंने समस्त नागरिकों से पर्यावरण सुधार एवं जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का पुरजोर आह्वान किया।
इससे पूर्व, सहायक वन संरक्षक भावना शर्मा ने अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रमों का शानदार आगाज 'रन फॉर एनवायरमेंट' साइकिल रैली से हुआ था। इस रैली में भारत विकास परिषद के सदस्यों एवं शहरवासियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया, जिसका समापन वन विभाग की पौधशाला में सामूहिक पौधारोपण के साथ हुआ था। इसके पश्चात कीरखेड़ा स्थित राजकीय महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय में संचालित समर कैंप के दौरान बालक-बालिकाओं के लिए पर्यावरण विषयक पोस्टर, निबंध एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार विद्यार्थियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में जयपुर से विशेष रूप से पधारनी हुईं वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की निदेशक पूजा शर्मा ने मंच से अभियान के विभिन्न महत्वपूर्ण आयामों, दूरगामी उद्देश्यों एवं इसकी उपयोगिता की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिलाधिकारी (अति कलक्टर) रामचंद्र खटीक ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं जागरूक होकर प्रकृति संरक्षण के इस महायज्ञ में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। वरिष्ठ नागरिक रामगोपाल ओझा ने भी समारोह को संबोधित करते हुए वन विभाग और जनमानस द्वारा चलाए गए इस पूरे अभियान की खुले मन से सराहना की।
इस गरिमामयी समापन समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा बालाजी मित्र मंडल को तुलसी के पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही, अभियान के दौरान जिले में उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने वाले संभागियों, संविदा कर्मियों एवं वन विभाग के कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित सभी जनों को 'वंदे गंगा संकल्प' दिलाकर पर्यावरण रक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अतिथियों को नर्सरी पौध ग्रेडिंग का सघन अवलोकन कराया गया। अंत में अतिथियों द्वारा पौधशाला परिसर में पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया।
इस भव्य समापन कार्यक्रम में क्षेत्र के सम्मानित जनप्रतिनिधि, विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी, वन विभाग के रेंजर्स सहित नंदकिशोर कोठारी, प्रेम शर्मा, रामेश्वर धाकड़, श्यामलाल धाकड़, हस्तीमल धाकड़, लाबु धाकड़, रामस्वरूप पुरोहित, कृष्णा पाल सिंह एवं बहुत बड़ी संख्या में प्रबुद्ध व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।