चित्तौड़गढ़ में आंधी-बारिश से बिजली संकट, पोल और ट्रांसफार्मर में लगी आग

तेज अंधड़ के कारण बिजली के खंभे गिरने और तारों में आगजनी से कई थाना क्षेत्रों में बत्ती गुल, डिस्कॉम की टीमें सुधार कार्य में जुटीं।

Update: 2026-06-02 14:17 GMT

चित्तौड़गढ़ के मीरा नगरी क्षेत्र में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान एक विद्युत पोल में अचानक लगी भीषण आग, जिसे डिस्कॉम द्वारा बिजली सप्लाई काटकर नियंत्रित किया गया।

जिले में पिछले दो दिनों से जारी तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाते हुए जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रकृति के इस बदले हुए रौद्र मिजाज का सबसे घातक प्रहार जिले की विद्युत व्यवस्था पर हुआ है, जिससे चारों ओर हाहाकार मच गया है। भयंकर अंधड़ और मूसलाधार बारिश के चलते जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर फुंकने, बिजली के पोल धराशायी होने तथा हाईवोल्टेज तारों में भीषण आगजनी की दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। इन हादसों के कारण कई इलाके पिछले कई घंटों से घने अंधेरे के आगोश में डूबे हुए हैं। विशेषकर शहर के दो प्रमुख और व्यस्ततम इलाकों में लगातार दो दिनों के भीतर हुए दो बड़े हादसों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है और हर तरफ चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं।

इस सिलसिलेवार तबाही की शुरुआत सोमवार को हुई, जब तेज हवाओं के बीच स्टेशन रोड इलाके में स्थित एक विशाल ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसमें भीषण आग लग गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा इलाका दहल उठा। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से जलती हुई चिंगारियां और आग के गोले नीचे गिरने लगे, जिससे वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों के बीच जान बचाने के लिए भारी अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। अभी स्टेशन रोड क्षेत्र की इस भयावह घटना के खौफ से लोग पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार को मीरा नगरी क्षेत्र में भी ठीक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा देखने को मिला। यहाँ एक विद्युत पोल में अचानक भयंकर आग लग गई और आग की लपटें तेजी से उठने लगीं। इस बेहद विकट परिस्थिति में गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने अत्यंत सूझबूझ और सजगता दिखाई और बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना डिस्कॉम को दी, जिसके तत्काल बाद विभाग द्वारा बिजली सप्लाई काटी गई और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।

इस प्राकृतिक आपदा के चलते तेज अंधड़ के कारण कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ और उनकी विशाल टहनियां टूटकर सीधे बिजली की चालू लाइनों पर गिर गईं। इस भारी दबाव और झटके से दर्जनों बिजली के खंभे बुरी तरह मुड़ गए या जमीन से उखड़ गए, जबकि कई ट्रांसफार्मर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गए। सुरक्षा के पुख्ता लिहाज से और मुख्य लाइनों के टूटकर जमीन पर गिरने के कारण जिले के कई थाना क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में कल से ही बिजली पूरी तरह गुल है। उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी और उमस भरे दंश के बीच बिना बिजली के रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन नरक बन गया है और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इन घटनाओं की अत्यधिक गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की तमाम टीमें अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार मौसम खराब होने के कारण शॉर्ट सर्किट और पोल गिरने की अप्रत्याशित घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वर्तमान में विभाग की तकनीकी टीमें फॉल्ट सुधारने, क्षतिग्रस्त खंभों को सीधा करने तथा टूटे हुए तारों को बदलने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले मुख्य सप्लाई लाइनों को चालू किया जा रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाल कर जनता को इस भीषण संकट से राहत दिलाई जा सके।

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