चित्तौड़गढ़: महाराणा प्रताप कॉलेज में 24 दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का हुआ समापन
छात्राओं ने प्रदर्शित कीं आत्मरक्षा तकनीकें और योगासन; उत्कृष्ट प्रदर्शन पर तीन प्रतिभागी सम्मानित
तस्वीर में महाराणा प्रताप कॉलेज में प्रमाण पत्र थामे छात्राएं और अतिथि दिख रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित 24 दिवसीय रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह गुरूवार को महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. भारती मेहता ने की। इस दौरान छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों एवं योगासनों का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में साइबर थाने से सी.आई. सुमन कुमार, यशविनी, नीतू तथा कमांडो दुर्गा ने साइबर सुरक्षा पर आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने वाली प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. भारती मेहता ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण वर्तमान समय में छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस, सजगता और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है।
प्राचार्य ने छात्राओं से प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने जीवन में उपयोगी बनाने तथा अन्य छात्राओं को भी आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित 24 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक एवं उपयोगी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए।
समारोह के दौरान महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. सुषमा लोठ ने 24 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रशिक्षण प्राप्त छात्रा प्रीति कुमारी खटीक, सारिका नंदवानी तथा जिया साहू ने समारोह में आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों एवं योगासनों का प्रभावी प्रदर्शन किया। साथ ही 24 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की गतिविधियों पर आधारित एक सुंदर वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रशिक्षण सत्रों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त छात्रा पूजा अहीर ने शिविर के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास, सजगता तथा विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने की क्षमता का विकास हुआ। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की कमांडो दुर्गा ने भी कार्यक्रम में आत्मरक्षा से संबंधित अपने विचार साझा किये।
संपूर्ण प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं जिया साहू, प्रीति कुमारी खटीक तथा सारिका नंदवानी को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम का संचालन दीप्ति गुर्जर एवं स्नेहलता ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. सुमन डाड, प्रो. अखिलेश चाष्टा, डॉ. हेमलता महावर, प्रो. भारती वीरवार, डॉ. गुणवंती मल्होत्रा, डॉ. नमिता वाजपेयी, डॉ. हुकुमचंद कोली, डॉ. रितु वर्मा, डॉ. कंचन वर्मा, विद्या भाटी, डॉ. भारती भावनानी, अपेक्षा नागोरी तथा डॉ. मनीषा वर्मा सहित अन्य सदस्य एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। 24 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन समारोह में छात्राओं के प्रदर्शन, अनुभव और सम्मान ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व को सामने रखा।